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उत्कृष्ट विद्यालय के एनएसएस शिविर का चौथा दिवस।

उत्कृष्ट विद्यालय के एनएसएस शिविर का चौथा दिवस।

मानसिक विकृति की मूल जड़ है,नशा – प्रोफेसर अली,एड्स से लड़ाई में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार – डॉ. डी के शर्मा
छात्रों ने नशामुक्ति रैली निकालकर ग्राम वासियों को किया जागरूक
राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का चौथा दिन *नशा मुक्ति, कैरियर काउंसलिंग एड्स जागरूकता व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जन स्वच्छता पर केंद्रित रहा।*
शिविर का शुभारंभ प्रार्थना और योग सत्र से हुआ, जिसमे पतंजलि योग समिति की महिला प्रशिक्षक सोनाली अग्रवाल द्वारा छात्रों को योग के बारे में बताकर विभिन्न आसन एवम प्राणायाम और सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया।
परियोजना सत्र में शिविर स्थल गायत्री डी एड कॉलेज से मठीपुरा गांव तक नशा मुक्ति रैली निकाली गई और ग्राम वासियों को नशे के दुष्परिणाम बताते हुए जागरूक किया।साथ ही गांव के माध्यमिक विद्यालय और पचपेड़ा मंदिर प्रांगण की स्वयं सेवकों ने साफ सफाई कर उसे पॉलीथिन मुक्त बनाया। बतादें यह सात दिवसीय कैंप भी पूरी तरह प्लास्टिक फ्री कैम्प है,जहां पॉलिथीन का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है।
बौद्धिक सत्र में समाजसेवी प्रोफेसर इकवाल अली,वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ.डी के शर्मा,स्काउट गाइड प्रशिक्षक एवं मोटिवेशनल स्पीकर रेखा भदौरिया, साहित्यकार शिक्षक डॉ परमाल कुशवाह,शिक्षक वरुण भदौरिया डीआरजी और वरिष्ठ कवि कौशलेंद्र प्रताप सिंह राजावत प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में छात्र नृपेंद्र,महक,माया,विजय, नीतेश,श्रेया और चेतना द्वारा नशा मुक्ति पर लघु नाटिका प्रस्तुत कर बताया गया कि किस प्रकार आज की युवा पीढ़ी पढ़ाई के दौरान नशे के चपेट में आकर अपना जीवन तबाह कर रही है। प्रोफेसर इकवाल अली ने बताया कि परिवार में संवादहीनता, आधुनिक चकाचौंध, बड़प्पन,झूठी शान का दिखावा कहीं न कहीं लोगों को नशे की तरफ धकेल रहा।टीवी,मोबाइल और सोशल मीडिया फिल्मों आदि में जो कुछ दिखाया जा रहा है,वह भी युवाओं को ड्रग्स, ड्रिंकिंग और स्मोकिंग की ओर आकर्षित कर रहा है, पहले शौक और शान के बतौर,फिर यही लत में बदल जाता है। कुंठा और मानसिक विकृति नशा की मूल जड़ है, झूठी शान से ही नशा उपजता है,जो व्यक्ति समाज और राष्ट्र को अपूर्णनीय क्षति पहुंचा रहा है। एड्स जागरूकता पर अपने उद्बोधन में जिला क्षय अधिकारी डॉ डी के शर्मा ने छात्रों को एड्स के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि एड्स की रोकथाम के लिए सही जानकारी का होना जरूरी है, एड्स से लड़ाई में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है।लोग पता नही कहां कहां खुशी और आनंद की तलास मे भटकते है, लेकिन सच्ची खुशी तो मन के मंदिर में मिलती है,भौतिक पदार्थों में नहीं। डॉक्टर शर्मा ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जन स्वच्छता के बारे में भी छात्रों को जानकारी दी। रेखा भदौरिया और वरुण भदौरिया ने छात्रों के बीच विभिन्न ज्ञानप्रद और मनोरंजक गतिविधियां कराई तथा एक्शन सोंग्स के माध्यम से छात्रों को मोटिवेट किया। कवि कौशलेंद्र प्रताप कौशल ने कविता के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने की नसीहत दी।शिक्षक परमाल सिंह कुशवाह ने छात्रों की कैरियर काउंसलिंग कर उन्हे मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम का संचालन अंशिका मिश्रा और श्रेया शिवहरे ने किया।शिविर दर्पण अमित,विजय,संध्या, दीक्षा,तनीषा ने बनाया। ऋचा,साहिल,तनीषा ने एनएसएस गीत की प्रस्तुति दी। रासेयो कार्यक्रम अधिकारी एवं शिविर संचालक डॉ.धीरज सिंह गुर्जर द्वारा स्वागत एवं आभार किया गया।कार्यक्रम में शिक्षक गौरव गर्ग,भूपेंद्र सिंह कुशवाह,मंजेश भदौरिया,हरेंद्र गौतम, कामिनी भाटिया,अनुष्का, वंदना,शिव कुमार,ऋतिक,दीपांशी, निकिता,संध्या,दीक्षा,कल्पना,साहिल,राहुल,विष्णु आदि उपस्थित रहे।

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