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कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने खाद को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियो को दिए निर्देश।

कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने कृषि विभाग के अधिकारियो को निर्देश दिए।

भिण्ड जिले में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने सुगमता से उर्वरक किसानो की जरुरत अनुसार और बैज्ञानिक अनुसंशा के हिसाब से प्रदाय करने के उद्देश्य से वितरण को पारदर्शी बनाते हुए सभी निजी विक्रेताओं का स्टॉक उर्वरक कम्पनियों से प्राप्त कर सरकारी नगद विक्रय केंद्रो से पीओएस अनुसार वितरण के निर्देश उप संचालक कृषि को दिए है।
इसके साथ ही जिले को प्राप्त एलॉटमेंट जो मार्कफेड को 70 प्रतिशत मिलता है लेकिन उर्वरक प्रदाय कंपनिया निजी 30 प्रतिशत प्रदाय नही कर रही इस संदर्भ में आईपीएल कम्पनी के रीजनल मैनेजर सिंह को निर्देश दीए है की जिले की एलॉटमेंट की नियमानुसार पूर्ति करे अन्यथा आपके विरुद्ध शासन को लिखा जाएगा।
कलेक्टर के निर्देशन के पालन में जिले को इफको कम्पनी के डबरा रैक से डीएपी मार्कफेड लहार को 300एमटी, दबोह 200एमटी और निजी विक्रेताओं में 180एमटी
इसी प्रकार एनएफएल से डबरा रैक से लहार मार्कफेड को 200एमटी,
तथा आईपीएल रायरू रैक से एन.पी. के 16,16,16 भिण्ड मार्कफेड को 170 एमटी, मेहगांव 60एमटी और गोहद 170एमटी प्राप्त होगा साथ ही निजी विक्रेताओं को 125 एमटी
जिसमे मैं.हरीश चंद्र जैन अटेर रोड भिण्ड को 90 एमटी और किसान सेवा केंद्र गोहद को 35एमटी प्राप्त होगा।
इस संदर्भ में उप संचालक कृषि ने सम्बन्धित उर्वरक निरीक्षकों को निर्देषित किया है की सभी निजी विक्रेताओ से स्टॉक लेकर पीओएस मशीन से सरकारी नगद विक्रय केंद्र पर टोकन काटकर अपनी निगरानी में सुगमत से किसानो को उर्वरक वितरण कराएं इसमें यदि किसी प्रकार की किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाहि की जाएगी।
उप संचालक कृषि राम सुजान शर्मा ने सभी किसानो से अपील की है की फसल और बैज्ञानिक अनुसंशा अनुसार ही भूमि में उर्वरकों का उपयोग करे गेहूं फसल हेतु एक हैक्टेयर रकबे में अधिकतम एन.पी.के की 4बैग, यूरिया की पूर्ती 3बैग और टॉप ड्रेसिंग नैनो यूरिया से करे या डीएपी 3बैग यूरिया 3बैग और एक नैनो बॉटल टॉप ड्रेसिंग के रूप में ही प्रयोग करे जिससे किसानो की लागत में कमी आएंगी और निश्चित ही गुणवत्ता पूर्ण अधिक उत्पादन प्राप्त होगा।
शिक्षित, समझदार किसान होने का फर्ज निभाए और खुशहाल किसान बने।
संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग कर भूमि को स्वस्थ रखने में अपना अमूल्य योगदान प्रदान करे।

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