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आपके सुझाव हर नागरिक को समानता, न्याय और सामाजिक सुरक्षा दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगे – डॉ शोभा पैठणकर।

आपके सुझाव हर नागरिक को समानता, न्याय और सामाजिक सुरक्षा दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगे – डॉ शोभा पैठणकर।

*समान नागरिक संहिता के संबंध में जनपरामर्श हेतु उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित*

*सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से लिए गए सुझाव*

शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में समान नागरिक संहिता के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्य एवं शिक्षाविद डॉ. शोभा पैठणकर की अध्यक्षता में आज रविवार को संस्कृति गार्डन भिण्ड में जन परामर्श हेतु बैठक आयोजित की गई। जिसमें कलेक्टर भिण्ड, जनपद अध्यक्ष भिण्ड, अपर कलेक्टर, सीएमओ भिण्ड सहित अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक में उच्च स्तरीय समिति के सदस्य डॉ. शोभा पैठणकर ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के पहले सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। जनपरामर्श बैठक के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। आपके सुझाव प्रदेश के हर नागरिक को समानता, न्याय और सामाजिक सुरक्षा दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता के संबंध में इच्छुक नागरिक वेबसाइट www.ucc.mp.gov.in पर सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।
समिति के सदस्य डॉ. पैठणकर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा गठित यह उच्च स्तरीय समिति विवाह, भरण-पोषण, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार तथा अन्य पारिवारिक कानूनों से संबंधित विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में उपयुक्त अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी। मध्यप्रदेश शासन द्वारा व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से इस विषय पर सुझावों का संकलन एवं विचार-मंथन किये जा रहे हैं, जिससे नागरिकों के हितों की सुरक्षा हेतु समग्र एवं व्यवहारिक अनुशंसाएं तैयार की जा सके।
बैठक का उद्देश्य समान नागरिक संहिता के संबंध में विभिन्न वर्गों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के सुझाव एवं विचार प्राप्त करना था। समिति समान नागरिक संहिता पर जनपरामर्श की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगी। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, न्यायविदों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा नागरिकों ने समान नागरिक संहिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार एवं सुझाव समिति के समक्ष रखे।
उपस्थित नागरिकों ने विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने तथा पारिवारिक कानूनों से संबंधित विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। समिति द्वारा सभी सुझावों को गंभीरता से दर्ज किया गया।

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