होली रंगों का ही नहीं एक दूसरे के मेल मिलाप का त्यौहार है,फाग जैसे परंपराओं को जीवित रखने के लिए युवा आगे आएं- रक्षपाल सिंह कुशवाह बसपा नेता।
होली रंगों का ही नहीं एक दूसरे के मेल मिलाप का त्यौहार है,फाग जैसे परंपराओं को जीवित रखने के लिए युवा आगे आएं- रक्षपाल सिंह कुशवाह बसपा नेता।
भिंड जिले में होली का पांच दिवसीय त्यौहार जगह-जगह बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। होली के बाद अब मंदिरों में फाग के आयोजन हो रहे हैं। ग्राम नुनाटा में बसपा नेता रक्षपाल सिंह ने काली माता मंदिर पर फाग का आयोजन कराया तो वहीं लहरौली में भी बेरिहाई माता मंदिर पर पुजारी उमेशानंद के द्वारा भी फाग का आयोजन कराया गया।यहां पर बता दें कि भिंड जिले में होली की पहचान फाग से होती थी, हर गांव में हर व्यक्ति फाग गाने एवं सुनने का शौकीन था, मगर अब युवा पीढ़ी फाग को नहीं समझती है इसलिए यह धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है जिसको लेकर बसपा नेता रक्षपाल सिंह कुशवाह ने कहा कि कि उन्होंने फाग का आयोजन न सिर्फ इसलिए रखा कि लोगों से मेल मिलाप हो बल्कि इसलिए भी रखा कि फाग जीवित बनी रहे। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि जहां भी फाग हो उसे सुनें , समझे और सीखें ताकि यह विलुप्त होती पुरानी परंपरा जीवित बनी रहे।
भिंड से प्रदीप राजावत की रिपोर्ट।




