अतरसुमा (जामपुरा) में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का हुआ शुभांरभ।

अतरसुमा (जामपुरा) में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का हुआ शुभांरभ।
भिंड जिले के ग्राम पंचायत अतरसुमा(जामपुरा) में बड़ी धूम धाम से कलश यात्रा के साथ भागवत महापुराण अमृत मय कथा का हुआ शुभांरभ।अमृत मय कथा डॉक्टर पंडित सुरेश शास्त्री जी महाराज श्री धाम वृंदावन के मुखारबिंदु द्वारा कही जा रही है,जिसके परीक्षित श्री बाल हनुमान जी महाराज एवं चरण सेवक मुन्नी देवी और आनंदी सुरेंद्र जोशी है।आज रविवार को अतरसुमा(जामपुरा) गांव में भागवत कथा के शुभारंभ के पूर्व अतरसुमा(जामपुरा)गांव में विशाल शोभायात्रा निकाली गई।इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश रखकर चल रही थी।कलश यात्रा मुख्य मार्गो से होती हुई कथा स्थल पहुंची। जहां डॉक्टर सुरेश शास्त्री जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत का महात्म्य श्रृद्धालुओं को बताया।
श्री भागवत महापुराण अमृत मय कथा का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ शुरू हुआ। कथा का समय सुबह 12 बजे से 5 बजे तक है। कथा वाचक महाराज ने कहा कि हमें अपना जीवन सफल बनाने के लिए भागवत महापुराण अमृत मय कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए।भागवत से मिले ज्ञान को यदि हम अपने जीवन में उतारेंगे तो निश्चित ही हमारा जीवन सफल हो जाएगा।कथा के पहले दिन महाराज जी ने महात्म्य वर्णन भक्ति नारद संवाद की कथा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमें प्रभु का गुणगान करना चाहिए इससे कष्ट दूर होते है।परमात्मा बड़ा ही कृपालु है और भजन करने से मन को संतुष्टि मिलती है।




