किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गई।

किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशन में माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 93 किशोरियों एवं बालिकाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से जागरूक करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिविल सर्जन डॉक्टर आर .एन.राजोरिया उपस्थित रहे तथा आरएमओ डॉ. निखिल अग्रवाल, अस्पताल प्रबंधक डॉ साकेत चौरसिया, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक वीरेंद्र वर्मा, दंत चिकित्सक डॉ सलोनी खंडेलवाल, आरबीएस के चिकित्सक डॉ विनीता, मनकक्ष काउंसलर प्रीति विश्वकर्मा,आरबीएसके एएनएम सीमा कुशवाह, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की हेल्थ एंड वेलनेस एम्बेसडर मीनू सोनी , फैमिली प्लानिंग काउंसलर कुंती शर्मा ,एवं उमंग किशोर स्वास्थ्य परामर्शदाता धर्मवीर यादव, जिला चिकित्सालय के वार्डन धर्म सिंह के साथ-साथ अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात बालिकाओं द्वारा माहवारी स्वच्छता एवं आ रही समस्याओं पर अपनी सक्सेस स्टोरी बताई गई, जिसे सभी उपस्थितजनों द्वारा सराहा गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी बालिकाओं को सेनेटरी पैड और आईईसी वितरित किए गए तथा उन्हें मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के संबंध में जानकारी दी गई। सिविल सर्जन डॉ. आर .एन. द्वारा किशोरियों को एनीमिया के प्रति जागरूक करते हुए संतुलित आहार, आयरन युक्त भोजन , आयरन फोलिक एसिड टेबलेट, नियमित व्यायाम और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। और माहवारी स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी के साथ-साथ सेनेटरी पैड उपयोग एवं उनके निपटान पर विस्तार से चर्चा की ।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक डॉक्टर वीरेंद्र वर्मा ने बालिकाओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में महावारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टर सलोनी खंडेलवाल जी द्वारा बताया गया की माहवारी किशोरियों में किशोरावस्था के दौरान होने वाली एक जैविक प्रक्रिया है साथ ही उन्होंने इसके तथ्य और मिथको के बारे में विस्तार से चर्चा की गई ।
जिला समन्वयक वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि किशोरावस्था के दौरान होने वाले किसी भी परिवर्तन जिनके बारे में हम किसी से खुलकर बात नहीं कर सकते इसके लिए जिला अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उमंग स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर निशुल्क एवं गोपनीय परामर्श और सलाह ले सकते हैं ।
डॉक्टर विनीता ने बताया कि किशोरावस्था में कदम रखते हुए ही 9 साल से 14 साल के बीच माहवारी की शुरुआत किशोरियों में हो जाती है। यह शारीरिक परिवर्तन की एक प्रक्रिया है। शरीर के हारमोंस ऑर्गन्स बढ़ते हैं, उनमें परिवर्तन होता है। उसी दौरान बच्चेदानी में मुलायम परत तैयार हो जाती है। यह परत ज्यादातर खून की नन्ही-नन्ही कोशिकाओं से तैयार होती है। यह बालिकाओं के लिए एक जटिल रहस्य एवं अबूझ पहेली बन जाती है। जिसकी समझ किशोरियों में आमतौर पर नहीं रहती। माहवारी का चक्र 28 दिन का होता है। किशोरी एवं महिलाओं के पूरे जीवन काल में लगभग 2100 दिन माहवारी के गुजारने होते हैं, जो करीब 6 साल के बराबर है। माहवारी की प्रक्रिया किशोरी व महिलाओं को मां बनने में परिपक्व करती है।
अंत में उमंग काउंसलर धर्मवीर यादव द्वारा मनहित ऐप के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि इस ऐप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपनी संबंधित समस्याओं की स्क्रीनिंग कर सकते हैं साथ ही टैली मानस हेल्पलाइन 14416 पर निशुल्क और गोपनीय परामर्श प्राप्त कर सकते हैं उन्होंने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं उपस्थित प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।




