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नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित कुल 715 प्रकरणों का हुआ निराकरण।

नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित कुल 715 प्रकरणों का हुआ निराकरण।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार दिनांक 13 सितम्बर, 2025 को संपूर्ण भिण्ड जिले में नेशनल लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस नेशनल लोक अदालत का औपचारिक शुभारंभ माननीय न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फड़के, म.प्र. उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर, के शुभ करकमलों के द्वारा माता सरस्वती की प्रतिमा एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर के.एस. बारिया, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड, के साथ ही समस्त सम्माननीय न्यायाधीशगण, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड, कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक भिण्ड डॉ असित यादव एवं अभिभाषक संघ भिण्ड के अध्यक्ष, पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिला मुख्यालय भिण्ड एवं न्यायिक तहसील मेहगांव, गोहद एवं लहार हेतु कुल 22 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया था जिनमें सुलहकर्ता सदस्य के रूप मे नामित अधिवक्तागण द्वारा सहयोग प्रदान किया गया, जिसके फलस्वरूप जिला मुख्यालय भिण्ड एवं तहसील न्यायालय मेहगांव, गोहद एवं लहार में न्यायालयों में लंबित कुल 715 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें कुल 2045 पक्षकार लाभान्वित हुए तथा राशि 22602574/- रूपये (दो करोड छब्बीस लाख दो हजार पांच सौ चोहत्तर रूपये) के अवार्ड पारित किये गये। उपरोक्त प्रकरणों के अतिरिक्त प्रीलिटिगेशन प्रकरणों, जिनमें जलकर, सम्पत्तिकर, विद्युत, बी.एस.एन.एल, बैंक आदि के कुल 1123 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 1206 व्यक्तियों को लाभांवित किया गया तथा उपरोक्त प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में कुल 15061979/-रूपये (एक करोड पचास लाख इकसठ हजार नौ सौ उन्नयासी) समझौता राशि रही।
वर्ष 2025 की तृतीय नेशनल लोक अदालत में गठित खण्डपीठों द्वारा कई मामलों में पक्षकारों के मध्य आपसी कटुता को समाप्त करते हुये दोनों पक्षों को मिलाने का कार्य किया गया तथा सफल प्रकरणों में पक्षकारों को पौधे भेंट कर उन्हें जीवन में विवाद को समाप्त करने तथा शांतिपूर्वक सुखी एवं समृद्ध जीवन व्यतीत करने की सलाह भी दी गयी।
*लोक अदालत में वर्षों से पिछड़ा हुआ परिवार फिर से हुआ एक, चेहरे पर खिली खुशी*
खण्डपीठ क्र. 01 के पीठासीन अधिकारी दिलीप गुप्ता, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, भिण्ड के न्यायालय के प्रकरण क्र. 12/2023 मु.फो. में आज दिनांक 13.09.2025 को नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते से राजीनामा द्वारा मामले का निराकरण किया गया। उपरोक्त मामले में आवेदिका का विवाह अनावेदक के साथ दिनांक वर्ष 2021 में हिंदू विधि से संपन्न हुआ था। अनावेदक द्वारा दहेज की मांग को लेकर आपसी विवाद हो जाने के कारण आवेदिका अनावेदक से पृथक अपने मायके में निवास करने लगी थी। आवेदिका ने अनावेदक से भरण-पोषण राशि दिलाये जाने बावत् धारा-125 द.प्र.सं. का प्रकरण प्रस्तुत किया था। जिसमें आवेदिका को 2500/- रूपये प्रतिमाह अनावदेक द्वारा प्रदाय किए जाने का आदेश माननीय न्यायालय द्वारा किया गया। माननीय प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, भिण्ड द्वारा उभयपक्ष को लगातार मध्यस्थता के माध्यम से समझा-बुझा कर उन्हें एक साथ रहने के लिए एवं उनके उज्जवल भविष्य के लिए भी प्रेरित किया, जिस पर दोनों पक्ष उक्त स्थिति को समझते हुए राजीनामा करने के लिए तैयार हुए। नव दम्पति ने एक-दूसरे को माला पहनाई एवं व्यक्त किया कि वे आज से पुनः अपनी नई जिन्दगी की शुरूआत करेंगे एवं दोनों नेशनल लोक अदालत से खुशी-खुशी अपने घर गए। उभयपक्ष के मध्य राजीनामा हो जाने के आधार पर प्रकरण समाप्त किया गया।
इस प्रकार वर्षों से चले आ रहे घरेलू विवाद के प्रकरण का राजीनामा से अंत हुआ तथा त्वरित एवं सुलभ न्याय की संकल्पना को सभी के सामूहिक प्रयासों से मूर्त रूप दिया तथा दंपती को प्रकरण के निराकरण के फलस्वरूप भेंट के तौर पर फलदार वृक्ष प्रदत्त किया गया तथा उनके एवं उनके परिवार की खुशहाली की शुभकामनाएं देते हुए न्यायालय से खुशी-खुशी उन्हें विदा किया।

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