भिण्ड कलेक्टर का सक्रिय निरीक्षण: किसानों को न हो कोई परेशानी, एण्डोरी केन्द्र पर जाकर लिया जायजा।

भिण्ड कलेक्टर का सक्रिय निरीक्षण: किसानों को न हो कोई परेशानी, एण्डोरी केन्द्र पर जाकर लिया जायजा।
जिले में गेहूं उपार्जन का सिलसिला जोरों पर है। कलेक्टर भिण्ड लगातार उपार्जन केन्द्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वे खुद मैदान में उतर आए हैं। विगत एक सप्ताह में उन्होंने जिले के कई केन्द्रों का निरीक्षण किया। शनिवार की शाम को विकासखण्ड गोहद के ग्राम एण्डोरी पहुंचकर गेहूं उपार्जन केंद्र का दौरा किया। इस दौरान केन्द्र पर उपस्थित किसानों से चर्चा कर खरीदी प्रक्रिया एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। केन्द्र पर व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान वारदाना एवं अन्य सुविधाओं की कमी पाई जाने पर कमी पूर्ति हेतु केन्द्र प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए।
*विगत एक सप्ताह में कई खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण*
विगत एक सप्ताह में उन्होंने जिले के कई खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया। जिसमें दिनांक 28 अप्रैल, मंगलवार को नवीन कृषि उपज मण्डी भिण्ड एवं उपार्जन केन्द्र ऊमरी तथा दिनांक 02 मई, शनिवार को विकासखण्ड अटेर के ग्राम दीनपुरा में भागवती उपार्जन केन्द्र और ग्राम रमा उपार्जन केन्द्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां किसानों से बातचीत कर वजन, पैमाना, भुगतान और अन्य सुविधाओं की पड़ताल की। हर जगह वे किसानों की समस्याएं सुनते हैं और आनलाइन पोर्टल पर एंट्री, ट्रांसपोर्ट और गोदाम व्यवस्था पर नजर रखते हैं।
कलेक्टर ने केन्द्र प्रभारी को निर्देश दिए कि किसानों की फसल का तत्काल वजन हो और भुगतान में कोई देरी न हो। केंद्रों पर बैगों की स्टोरेज, साफ-सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।”
*जिला लक्ष्य की ओर अग्रसर*
कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला लक्ष्य की ओर अग्रसर है। भिण्ड जिले में इस सीजन कुल 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन लक्ष्य रखा गया है। अब तक 13 हजार 769 एमटी से अधिक खरीद हो चुकी है।
जिले में कुल 13 हजार 086 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है, जिसमें अभी तक 2 हजार 643 किसानों द्वारा अपनी फसल बेची जा चुकी है। किसानों को सुविधा हेतु जिले कुल 32 खरीदी केन्द्र स्थापित किए गए हैं।
*गेहूं उपार्जन प्रक्रिया पर निरंतर रखी जाए निगरानी*
कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी की जाए। जिसके क्रम में सभी अनुविभागीय अधिकारी द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत गेहूं खरीदी केन्द्रों का निरंतर दौरा किया जा रहा है। प्रशासन का फोकस पारदर्शिता और समयबद्धता पर है।




