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अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त बड़ी कार्यवाही में 06 ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ जप्त।

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त बड़ी कार्यवाही में 06 ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ जप्त।

जिला प्रशासन के निर्देशन में राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 17 एवं 18 जुलाई 2026 की दरमियानी रात्रि में ग्राम बछरेटा, तहसील अमायन, जिला भिण्ड में अवैध खनिज रेत के उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाते हुए प्रभावी कार्रवाई की गई।

कार्यवाही के दौरान 06 (छः) ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ, जिनमें अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जा रहा था, जप्त की गईं। इसके अतिरिक्त रेत भरने के कार्य में प्रयुक्त एक लोडर मशीन भी जप्त की गई। सभी जप्तशुदा वाहन एवं लोडर को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु पुलिस थाना अमायन की अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया है।

उक्त कार्रवाई के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मेहगांव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), मेहगांव, तहसीलदार मेहगांव तथा थाना प्रभारी, पुलिस थाना अमायन सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग का भारी पुलिस बल एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्रवाई के उपरांत पुलिस थाना अमायन द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) क्रमांक 38/2026 पंजीबद्ध की गई है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 302(2) एवं 317(5) के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही प्रारंभ की गई है।

संयुक्त टीम द्वारा मौके पर सर्वे क्रमांक 513, 514 एवं 468/2 पर अवैध रूप से भंडारित लगभग 345 घन मीटर गौण खनिज रेत भी जप्त की गई। उक्त जप्तशुदा रेत को विधिवत् पंचनामा तैयार कर श्री रामवीर सिंह, निवासी ग्राम खेरिया सिंध की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखा गया है।

प्रकरण में मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनिज उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध इस प्रकार की सघन संयुक्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी तथा ऐसे अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन द्वारा अवैध खनन के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जा रही है तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम निरंतर उठाए जाएंगे।

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