कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक का आयोजन,कलेक्टर ने की सीएम हेल्पलाइन और अन्य लंबित प्रकरणों की समीक्षा।

कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक का आयोजन,कलेक्टर ने की सीएम हेल्पलाइन और अन्य लंबित प्रकरणों की समीक्षा।
*न्यायालय अवमानना पर व्यक्तिशः जिम्मेदारी होगी तय*
*हितग्राही पंजीयन और प्रमाण-पत्र बनवाने की सुगमता के लिए अंतर-विभागीय समन्वय के निर्देश*
*मौसमी बीमारियों की दवाइयों का होगा पर्याप्त भंडार, मानसून में पेयजल नमूनों की जांच के निर्देश*
कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन प्रकरण, लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत लंबित प्रकरण, उच्च न्यायालय के लंबित मामलें, सीएम मॉनिट प्रकरण और लोककल्याण के विभिन्न अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने ग्रेडिंग माह तथा 50 दिवस से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की विभागवार समीक्षा की और सभी विभागों को अधिक से अधिक शिकायतें संतुष्टिपूर्वक बंद करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा कर निर्देशित किया कि कोई भी प्रकरण समयसीमा बाह्य नहीं होना चाहिए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के स्थानांतरण, सेवा शर्तों, अन्य समस्त याचिकाओं से संबंधित आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए अन्यथा अवमानना की स्थिति में मुकदमा नीति के अनुरूप व्यक्तिशः जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके वेतन से शास्ति का कटौत्रा किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएम मॉनिट का त्वरित परीक्षण कर आवश्यकतानुसार विभागों को प्रस्ताव भेजा जाए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्थानीय निकायों की शिक्षा, महिला बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रतिदिन समन्वय वीसी रखी जाए जिससे संबंधित हितग्राहियों के लिए समग्र सत्यापन, ई-केवाईसी, संबल प्रकरण जांच, आयुष्मान, आभा आईडी, आधार पंजीयन, जीवन और मृत्यु प्रमाण पत्र, इत्यादि बनवाना सुगम हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पशुओं का टीकाकरण सुनिश्चित हो और सड़क पर आवारा घूम रहे पशुओं को गौशाला पहुंचाया जाए, जिसकी सतत निगरानी के लिए नोडल अधिकारी बनाए जाने के निर्देश भी दिए। कुपोषण के प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त कार्यवाही के निर्देश दिए जिससे कुपोषित बच्चों का विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
कलेक्टर ने दस्तक अभियान की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों की दवाइयों के पर्याप्त भंडारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से नलजल परियोजनाओं के हस्तांतरण की जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि मानसून में पेयजल का किट आधारित परीक्षण निरंतर जारी रहे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बुवाई के दौरान बिजली कटौती की शिकायतों पर ऊर्जा विभाग पर अप्रसन्नता व्यक्त की और निर्धारित अवधि के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में देरी से आने वाले और बिना सूचना अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में सघन वृक्षारोपण, रोजगार मेला, संबल पंजीयन तथा अनुग्रह सहायता, इत्यादि की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत भिण्ड, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।




