वर्षाकाल में शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने हेतु पीएचई विभाग सतर्क,भिण्ड जिले में निरंतर हो रही क्लोरीनेशन और जल नमूनों की जांच।

वर्षाकाल में शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने हेतु पीएचई विभाग सतर्क,भिण्ड जिले में निरंतर हो रही क्लोरीनेशन और जल नमूनों की जांच।
वर्षाकाल (मानसून) के दौरान जलजनित बीमारियों (जैसे- डायरिया, हैजा, टाइफाइड आदि) की रोकथाम और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग भिण्ड द्वारा जिले भर में एक सघन अभियान चलाया जा रहा है।
विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पेयजल स्रोतों (हैंडपंप, नलजल योजना आदि) का निरंतर क्लोरीनेशन किया जा रहा है, ताकि पानी में पनपने वाले हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट किया जा सके।
इसके साथ ही शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय मैदानी अमले द्वारा जिले के विभिन्न विकासखण्डों और ग्राम पंचायतों (जैसे- भिण्ड ब्लॉक के डिडी, जामपुरा, दीनपुरा आदि) से जल स्रोतों के सैंपल (नमूने) लगातार एकत्रित किए जा रहे हैं।
पूरी पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के लिए यह सैंपलिंग कार्य जीपीएस आधारित फोटोग्राफी के माध्यम से किया जा रहा है। एकत्रित किए गए इन सभी जल नमूनों की सघन जांच जिला नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज प्रयोगशाला में की जा रही है। प्रयोगशाला में पानी का रासायनिक और जीवाणु परीक्षण किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पानी पीने योग्य मानकों पर खरा उतरता है। यदि जांच के दौरान किसी जल स्रोत का पानी दूषित पाया जाता है, तो विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उस स्रोत का उपचार किया जा रहा है और ग्रामीणों को उस स्रोत का पानी न पीने की सलाह दी जा रही है।
*आमजन से अपील:*
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग भिण्ड ने जिले के सभी नागरिकों से अपील कर कहा है कि वर्षाकाल में अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के दृष्टिगत पीने के पानी को हमेशा साफ बर्तन में ढंक कर रखें। एहतियात के तौर पर पानी को उबालकर या छानकर ही पिएं तथा जल स्रोतों के आसपास गंदगी जमा न होने दें।




