महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पिंक ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइव का हुआ आयोजन।

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पिंक ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइव का हुआ आयोजन।
*35 बालिकाओं को प्रदाय किये गये लर्निंग लाइसेंस, 100 से अधिक बालिकाओं का कराया पंजीयन*
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर भिण्ड के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र सिंह अंब और जिला परिवहन अधिकारी राजेंद्र सोनी के समन्वय से शासकीय महाविद्यालय लहार में पिंक ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइव का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास से बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना, आउटरीच कार्यकर्ता दीपेंद्र शर्मा, परिवहन विभाग ऑपरेटर दीपक सिंह भदौरिया, महाविद्यालय के प्राचार्य एस.के दोहरे, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह चौहान, माय भारत आइकन राहुल राजपूत, माय भारत ब्लॉक समन्वयक मीना दोहरे, महाविद्यालय का समस्त स्टाफ और कॉलेज की छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में परिवहन विभाग से उपस्थित ऑपरेटर दीपक भदौरिया द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से लर्निंग लाइसेंस का पंजीयन का तरीका बताया गया और प्रोजेक्टर को देखते हुए सभी बालिकाओं ने अपने फोन से पंजीयन किया और पंजीयन के बाद बालिकाओं को लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट भी दिलाया गया। जिसमें 35 बालिकाओं को टेस्ट पास कराकर लर्निंग लाइसेंस प्रदाय किये गये। साथ ही 100 से अधिक बालिकाओं का पंजीयन सफलतापूर्वक कराया गया।
बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना के द्वारा स्पष्ट किया गया की मिशन नारी सशक्तिकरण के तहत बालिकाओं और महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस लर्निंग से लेकर परमानेंट तक संपूर्ण प्रक्रिया निःशुल्क है और अभी आप लोगों के लर्निंग लाइसेंस बन चुके हैं, लर्निंग लाइसेंस जारी होने के एक माह के बाद और 6 माह के पूर्व आपको परमानेंट लाइसेंस के लिए अप्लाई करना होगा। अप्लाई करने के बाद आरटीओ कार्यालय में उपस्थित होकर फोटो आदि कार्यवाही होने पर आवेदन अप्रूव होने पर आपका परमानेंट लाइसेंस जारी कर दिया जावेगा, जो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेज दिया जावेगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य और कार्यक्रम अधिकारी के द्वारा भी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा गया है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए प्रक्रिया अत्यंत सरल है, निश्चित रूप से बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र सिंह अंब और परिवहन अधिकारी राजेंद्र सोनी द्वारा इस प्रकार की आयोजित होने वाले पिक ड्राइविंग लाइसेंस अभियान की निरंतरता रखने के लिए प्रतिबद्धता दी गई और स्पष्ट किया गया आवश्यकता पड़ने पर दोबारा कैंप भी लगाये जा सकते हैं। सभी से अपेक्षा है कि वह शासन की इस पिंक ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइव का लाभ उठाएं। अपने परिवार में अपनी बड़ी बहनों और माताएं जो इच्छुक एवं पात्र हैं उनके भी पंजीयन कर लाइसेंस बनवा सकते हैं। पिंक ड्राइविंग लाइसेंस की यह गतिविधि निरंतर जारी रहेगी।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण से संबंधित विभागीय योजनाएं लाड़ली लक्ष्मी योजना, वन स्टॉप सेंटर, जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन, प्रधानमंत्री मात्र वंदना योजना मिशन वात्सल्य, चाइल्डलाइन 1098 और महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न हेल्पलाइन नंबर की जानकारी भी दी गई एवं सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण किट प्रदान की गई।




