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मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति के तहत सीएटीसी कैंप में प्रशिक्षण सह-कार्यशाला का हुआ आयोजन।

मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति के तहत सीएटीसी कैंप में प्रशिक्षण सह-कार्यशाला का हुआ आयोजन।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र सिंह अंब के निर्देशन में 30 एमपी बटालियन एनसीसी और महिला बाल विकास विभाग के समन्वय से मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति के तहत सीएटीसी कैंप में प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना, वन स्टॉप सेंटर प्रशासक साधना चौधरी, 30 एमपी बटालियन के कमांडिंग आफिसर कर्नल कुलवंत सिंह, एचसीएस मदन, माय भारत आइकॉन राहुल राजपूत ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मीना दोहरे माय भारत और कैंप में चंबल ग्वालियर संभाग के एनसीसी कैडेट उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बाल सरंक्षण अधिकारी अजय सक्सेना द्वारा उपस्थित कैडेट को मिशन वात्सल्य के तहत बाल अधिकार, किशोर न्याय अधिनियम, पाक्सो अधिनियम, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी गई। मिशन सहकारी के तहत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ विमेन, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, जेंडर विभेदीकरण और महिलाओं से संबंधित प्रमुख योजनाओं, हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी गई।

बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना के द्वारा जेंडर विभेदीकरण को स्पष्ट किया गया कि जेंडर प्राकृतिक नहीं है अपितु समाज द्वारा निर्मित एक अवधारणा है, हम कैसे तय करते हैं कि कौन सा काम महिला को करना है कौन सा काम पुरुषों को करना है, पहले सेवा में तथा पुलिस में बालिकाओं का प्रतिनिधित्व कम था और हमारे बीच में आज एनसीसी की गर्ल्स विंग भी इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि अब सभी को बराबरी का हक चाहिए। जेंडर विभेदीकरण उन्मूलन का प्रमुख उद्देश्य पुरुष महिलाओं, बालक-बालिकाओं के बीच असमानता को समाप्त करना है। ऐसा कोई कार्य आज वर्तमान परिदृश्य में नहीं है जो महिलाएं और बालिकाएं ना कर सकें चाहे सेवा हो, राजनीति हो, खेल हो, अंतरिक्ष का क्षेत्र हो, कोई भी क्षेत्र महिला सशक्तिकरण से अछूता नहीं है।

साधना चौधरी प्रशासक वन स्टॉप सेंटर द्वारा वन स्टॉप सेंटर की गतिविधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और बताया गया कि कोई भी पीड़ित महिला अथवा पोक्सो विक्टिम पुलिस अथवा स्वयं वन स्टॉप सेंटर में उपस्थित होकर संरक्षण प्राप्त कर सकती है वन स्टॉप सेंटर में अल्पकालीन संरक्षण प्रदान किया जाता है जहां पर महिलाओं और बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा, विधि परामर्श की संपूर्ण व्यवस्था रहती है और उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का पात्रता अनुसार प्रयास किया जाता है।

कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण किट और बालिकाओं को स्वच्छता किट का बैग प्रदान किया गया स्वच्छता किट में सेनेटरी पैड, सैनिटाइजर, वाइप्स, साबुन और प्रशिक्षण सामग्री प्रदाय की गई। कमांडिंग आफिसर कर्नल कुलवंत सिंह ने सभी बालिकाओं से अपेक्षा की, कि महिला एवं बाल विकास विभाग की जानकारी और प्रदाय की गई किट उनके लिए निश्चित तौर पर लाभदायक होगी।

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