एमएसएमई प्रोत्साहन योजना से गोहद के आकाश शर्मा को मिली नई राह

एमएसएमई प्रोत्साहन योजना से गोहद के आकाश शर्मा को मिली नई राह
*मालनपुर में बायोफ्यूल इकाई की स्थापना कर बने सफल उद्यमी*
*सरसों की भूसी, गन्ने की प्रेसमड और बैगास से तैयार करते हैं बायोफ्यूल ब्रिकेट और पैलेट*
*बायोफ्यूल इकाई में 18 स्थानीय व्यक्तियों को मिला रोजगार*
गोहद के आकाश शर्मा ने जब एक्सेंचर कंपनी में लंबे समय तक दी सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की सेवा को अलविदा कहा और भिण्ड जिले में अपना कोई उद्यम स्थापित करना चाहा तब एमएसएमई प्रोत्साहन योजना ने आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई। एमएसएमई प्रोत्साहन योजना अंतर्गत पूंजी निवेश पर प्राप्त 40% सहायता से दिसंबर 2025 में इन्होंने मालनपुर में मायरा बायोफ्यूल एंड रिन्यूबल एनर्जी की स्थापना की। लगभग दो करोड़ की लागत से तैयार इस इकाई में वर्तमान में 8 महिलाओं सहित कुल 18 स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार मिला है।
मायरा बायोफ्यूल एंड रिन्यूबल एनर्जी में सरसों की भूसी तथा गन्ने की प्रेसमड और बैगास जैसे कृषि अपशिष्ट से बायोफ्यूल ब्रिकेट और पैलेट तैयार किए जाते हैं जो कोयले का पर्यावरण अनुकूल विकल्प है और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाते हैं। इन ब्रिकेट और पैलेट की मांग एनटीपीसी, गोदरेज और मालनपुर की अन्य औद्योगिक इकाइयों में है। पर्यावरण प्रेमी आकाश जहां एक ओर आसपास के किसानों से सरसों की भूसी क्रय कर पराली जलाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने का कार्य कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वे बायोफ्यूल की फ्लाईऐश से ईंट बनाने की एक अन्य इकाई लगाने का विचार कर रहे हैं।
मायरा बायोफ्यूल के संस्थापक और निदेशक आकाश शर्मा अपनी सफल उद्यम यात्रा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमएसएमई प्रोत्साहन योजना अंतर्गत पात्र एमएसएमई इकाइयों को संयंत्र, मशीनरी और भवन निर्माण में निवेश पर 40% तक की सब्सिडी मिलती है, महिला, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के आवेदकों को अतिरिक्त 8 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। अधिक जानकारी के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, विकास भवन, मालनपुर से सम्पर्क किया जा सकता है।
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