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ग्वालियर व्यापार मेला में सहभागिता करें मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपति: अध्यक्ष जादौन, मालनपुर को मंडीदीप और पीथमपुर की तरह पहचान दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता: कलेक्टर ।

ग्वालियर व्यापार मेला में सहभागिता करें मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपति: अध्यक्ष जादौन, मालनपुर को मंडीदीप और पीथमपुर की तरह पहचान दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता: कलेक्टर ।

*सीएसआर फंड के उपयोग से स्मार्ट बनेंगी जिले की हाई स्कूल कक्षाएं*

*वाश-आन-व्हील्स की तर्ज पर शौचालयों की होगी साफ-सफाई*

*मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों की विकास भवन में महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन*

ग्वालियर मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक जादौन ने बताया कि ग्वालियर व्यापार मेले उद्योगों के प्रचार-प्रसार तथा मार्केटिंग का बहुत बड़ा मंच है। मेले का ऐतिहासिक महत्व है जो 120 वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ था और गत वर्ष 1 करोड़ से अधिक व्यक्ति शामिल हुए थे। उन्होंने मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों को ग्वालियर व्यापार मेला में सहभागिता करने और अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि मेला प्राधिकरण के वित्त पोषण के संसाधन सीमित हैं जिसके कारण इसकी अधोसंरचना का रखरखाव ठीक तरह से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से मेला प्राधिकरण की अधोसंरचना सुधारने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यापार मेला के अलावा भी वोकल फॉर लोकल पर आधारित स्वदेशी मेला, प्रदर्शनी, इत्यादि के लिए मेला प्राधिकरण उद्योगों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा।

कलेक्टर पवन जैन ने कहा कि मालनपुर को मंडीदीप और पीथमपुर की तरह पहचान दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उद्योग और जिला प्रशासन के आपसी समन्वय से मालनपुर की संभावनाओं का पूरा लाभ क्षेत्र की जनता को दिलाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि उद्योगों के परिवहन, पार्किंग, सुरक्षा, लेबर, टैक्स, इत्यादि सभी मुद्दों पर जिला प्रशासन का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।कलेक्टर ने बताया कि मालनपुर के उद्योगों के लिए कुशल श्रमिकों की आवश्यकता को ध्यान में रख कर जिला प्रशासन द्वारा सीएसआर फंड के अभिनव उपयोग के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र के पूर्व जिले के 6 ब्लॉक और जिला मुख्यालय में स्थित अधिक दर्ज संख्या वाले विद्यालय चिन्हित कर सीएसआर फंड से 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं स्मार्ट बनाई जाएंगी, जिससे छात्रों को गुणवत्तायुक्त और व्यावसायिक शिक्षा मिल सके। उद्योगों के संसाधनों से इन स्मार्ट विद्यालयों में अधोसंरचना, शिक्षण और नियंत्रण स्थापित कर एक वर्ष के भीतर इन्हें आदर्श विद्यालयों के रूप संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वाश-आन-व्हील्स की तर्ज पर आंगनवाड़ियों, विद्यालयों और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था सुधारी जाएगी जिससे विद्यार्थियों में स्वच्छता का भाव विकसित होगा। उन्होंने बताया कि नई नीति अंतर्गत सीएसआर फंड के उपयोग के लिए राज्य शासन को 30 नवंबर तक प्रस्ताव भेजे जाने हैं।

बैठक में कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी
ग्वालियर-चम्बल संभाग अनीशा श्रीवास्तव, महाप्रबंधक ब्रज मरकाम, एसडीएम गोहद विकास कैमोर सहित अन्य अधिकारी और मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र के लगभग 30 उद्योगपति सम्मिलित हुए।

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