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लोकसेवा गारंटी प्रकरणों की समय-सीमा बाहर लंबितता पर भिण्ड कलेक्टर ने जताई नाराजगी, संबंधित अधिकारियों को जारी किया चेतावनी पत्र

लोकसेवा गारंटी प्रकरणों की समय-सीमा बाहर लंबितता पर भिण्ड कलेक्टर ने जताई नाराजगी, संबंधित अधिकारियों को जारी किया चेतावनी पत्र

*27 लंबित RCMS-लोसेगा प्रकरणों का 2 दिन में होगा निपटारा*

कलेक्टर पवन कुमार जैन ने लोकसेवा गारंटी अधिनियम और RCMS पोर्टल से जुड़े समय-सीमा बाहर लंबित 27 प्रकरणों पर सख्ती दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को अप्रसन्नता/चेतावनी पत्र जारी किया है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रकरणों का दो दिन में शत-प्रतिशत निराकरण किया जाए।

RCMS-4.13 भूमि के सीमांकन से संबंधित कुल 12 प्रकरण समय-सीमा बाहर पाए गए। इनमें तहसीलदार अटेर के 6, भिण्ड नगर का 1, मिहोना का 1, फूप के 3 और सुरपुरा का 1 प्रकरण शामिल है।
RCMS-4.14 अविवादित नामांतरण के 15 प्रकरण भी समय-सीमा बाहर लंबित मिले। इनमें तहसीलदार अटेर के 5, भिण्ड नगर के 8, मौ का 1 और नायब तहसीलदार पीपरी का 1 प्रकरण है।

कलेक्टर ने कहा कि लोकसेवा गारंटी अधिनियम 2010 के अंतर्गत अधिसूचित सेवाएं निर्धारित समय में पूरी करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोकसेवा केंद्रों से ऑनलाइन दर्ज आवेदनों का समय पर निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि नागरिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

27 अक्टूबर को हुई टीएल बैठक में लोकसेवा गारंटी और RCMS पोर्टल से जुड़े कुल 27 प्रकरण समय-सीमा बाहर पाए गए। कलेक्टर ने इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं बताया और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

*अनुपालन न होने पर कार्रवाई*

समय-सीमा बाहर और आगामी तीन दिनों में निपटाने योग्य सभी आवेदनों का पात्रता के अनुसार निराकरण किया जाए। अपात्र पाए जाने पर नियमानुसार अस्वीकृति या निरस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की जाए। लंबित प्रकरणों पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध लोसेगा अधिनियम के तहत निहित प्रावधान अंतर्गत प्रति प्रकरण प्रतिदिन 250 के मान से अर्थदंड लगाया जाकर शास्ति अधिरोपित की जावेगी।
निर्देशों की अवहेलना पर सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई या वरिष्ठ स्तर पर प्रस्ताव भेजने की कार्रवाई होगी।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह पत्र संबंधित अधिकारियों के लिए अंतिम चेतावनी है। इसके बाद किसी अलग नोटिस या पत्राचार की आवश्यकता नहीं रहेगी।

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