भिण्ड में लाभार्थियों को बड़ी राहत: DBT राशि अब किसी भी बैंक शाखा से नहीं रुकेगी

भिण्ड में लाभार्थियों को बड़ी राहत: DBT राशि अब किसी भी बैंक शाखा से नहीं रुकेगी
*लाभार्थी को परेशानी होने की शिकायत मिलने पर संबंधित शाखा प्रबंधक होंगे उत्तरदायी*
अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) भिण्ड ने जिले की समस्त वाणिज्यिक, क्षेत्रीय ग्रामीण एवं सहकारी बैंक शाखाओं को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि शासकीय कल्याणकारी योजनाओं की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से लाभार्थी के खाते में बिना देरी जमा हो। कलेक्टर भिण्ड के निर्देश पर यह कार्रवाई शुरू की गई है।
*कलेक्टर का स्पष्ट आदेश*
कलेक्टर भिण्ड ने स्पष्ट किया है कि जिले में संचालित कोई भी बैंक शाखा DBT के माध्यम से आने वाली शासकीय राशि को किसी भी हालत में रिजेक्ट या वापस नहीं करेगी। शाखा प्रबंधकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि राशि तत्काल संबंधित लाभार्थी के खाते में क्रेडिट हो।
*न्यूनतम शेष राशि का बहाना नहीं*
अब बैंक खाते में न्यूनतम शेष राशि न होना, खाता इनएक्टिव या डॉर्मेंट होना, या बैंक के आंतरिक शुल्क का हवाला देकर DBT राशि रोकना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। ऐसा करने वाली शाखा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। DBT भुगतान आमतौर पर आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग के माध्यम से संचालित होते हैं, इसलिए इससे जुड़ी तकनीकी समस्याओं का शाखा स्तर पर तुरंत समाधान करना भी अनिवार्य किया गया है।
*शिकायत पर शाखा प्रबंधक जिम्मेदार*
एलडीएम भिण्ड ने चेताया है कि DBT राशि जमा न होने या लाभार्थी को परेशानी होने की शिकायत मिलने पर संबंधित शाखा प्रबंधक स्वयं उत्तरदायी होंगे। ऐसे मामले नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु सक्षम प्राधिकारी/कलेक्टर भिण्ड के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।
*लाभार्थियों को मिलेगा सहयोग*
यदि किसी लाभार्थी के खाते में आधार सीडिंग, NPCI मैपिंग या अन्य तकनीकी त्रुटि की समस्या है, तो बैंक शाखा उसे प्राथमिकता से सहयोग देकर समस्या का त्वरित निराकरण करेगी। इससे जिले के हितग्राहियों को योजनाओं की राशि समय पर मिलने में आसानी होगी और बैंक दफ्तरों के चक्कर कम होंगे।




