सबकी सक्रिय सहभागिता से अनुपयोगी जल संग्रहण संरचनाओं को बनाया जा सकता है उपयोगी – मंत्री राकेश शुक्ला।

सबकी सक्रिय सहभागिता से अनुपयोगी जल संग्रहण संरचनाओं को बनाया जा सकता है उपयोगी – मंत्री राकेश शुक्ला।
जनभागीदारी के माध्यम से जल की एक-एक बूंद का किया जा सकता है संरक्षण – कलेक्टर।
जल गंगा संवर्धन” कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन हेतु बैठक संपन्न।
“जल गंगा संवर्धन” कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन हेतु बैठक कलेक्टर कार्यालय भिण्ड के सभागार में आयोजित की गई।
इस दौरान नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मंत्री राकेश शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे तथा सभाकक्ष में भाजपा जिला अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह नरवरिया, नगर पालिका भिण्ड अध्यक्ष वर्षा बाल्मीकि, कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत जगदीश कुमार गोमे, एडीएम लक्ष्मीकांत पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग मंत्री राकेश शुक्ला ने उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को अपने सुझाव और निर्देश प्रदान किये।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आह्वान में प्रारंभ किए गए जल गंगा संवर्धन अभियान को हमें शत प्रतिशत पूर्ण करना है, जन भागीदारी बढ़े इसे भी सुनिश्चित करना है। सबके सहयोग से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत् सबकी सक्रिय सहभागिता से जिले में पूर्व निर्मित ऐसी जल संग्रहण संरचनाएं जो कि वर्तमान में विभिन्न कारणों से अनुपयोगी हो गई हैं, इन सरंचनाओं का जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण किया जाकर इन्हें उपयोगी बनाया जा सकता है। ऐसी जल सरंचनाओं का चिन्हांकन किया जावे जिनमें जीणोद्धार कार्य अपेक्षित है। अभियान के तहत स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सम्पर्क कर कार्य योजना तैयार कराई जावे।
उन्होंने जलीय संरचना जैसे कुएं बावड़ी तालाबों के गहरीकरण, साफ-सफाई एवं पुनर्जीवन की रूपरेखा तैयार करने निर्देश दिए।
कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि जल संरचनाओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु राज्य शासन द्वारा शुरू किया गया जल गंगा सवंर्धन अभियान 5 से 16 जून तक चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत् जिले में विभिन्न जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के कार्य संपन्न कराये जायेंगे। अभियान के तहत् ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पुरानी जल संरचनाएं जीर्णोद्धार के लिए चिन्हित की गई हैं, शहरी क्षेत्र में भी नगरीय निकायों के माध्यम से अभियान चलाकर जल संरचनाओं को सहेजने का कार्य किया जायेगा।विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं गैर सरकारी संगठनों को अभियान से जोडा जाये तथा जनभागीदारी के माध्यम से लोगों में जल संरचनाओं के प्रति संरक्षण की भावना को जागृत करते हुए सहयोग प्राप्त किया जाये। जिससे की आने वाले वर्षा काल में जल की एक-एक बूंद का संरक्षण किया जा सके। मेरा आप सभी से अनुरोध है कि आप भी इस अभियान में भागीदार बनकर जल को सहेजने का पुनीत एवं पवित्र कार्य करें।




