No Slide Found In Slider.
ताजा ख़बरें

जल संरक्षण की दिशा में कलेक्टर ने एक अनूठी मिसाल कायम की, कंधे से कंधा मिलाकर जलकुंभी हटाने का बीड़ा उठाया,एक बार फिर चमकने लगा गौरी सरोवर का जल।

जल संरक्षण की दिशा में कलेक्टर ने एक अनूठी मिसाल कायम की, कंधे से कंधा मिलाकर जलकुंभी हटाने का बीड़ा उठाया,एक बार फिर चमकने लगा गौरी सरोवर का जल।

जल संरक्षण की दिशा में एक अनूठी मिसाल कायम करते हुए कलेक्टर भिण्ड के नेतृत्व में गौरी सरोवर पर विशाल श्रमदान कार्यक्रम निरंतर आयोजित किया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आमजन ने कंधे से कंधा मिलाकर जलकुंभी हटाने का बीड़ा उठाया। यह प्रयास न केवल सरोवर को स्वच्छ बनाने में सफल रहा, बल्कि सामूहिक एकता का प्रतीक भी बन गया।
कार्यक्रम में कलेक्टर ने खुद बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, “जब समाज एकजुट होता है, तो पर्यावरण संरक्षण जैसे बड़े लक्ष्य हासिल करना संभव हो जाता है।” अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों ने सरोवर किनारे जमा जलकुंभी को हटाते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे विशेष बना दिया। सभी लोग श्रमदान में जुटे, जिससे सरोवर का जल एक बार फिर चमकने लगा।
कलेक्टर की इस पहल से गौरी सरोवर, जो कभी जलकुंभी की चपेट में था, अब जनशक्ति का प्रतीक बन चुका है। ऐसे अभियान से न केवल जल स्रोत स्वच्छ होंगे, बल्कि सामुदायिक भावना भी मजबूत होगी। जिला प्रशासन ने इसे मॉडल के रूप में अन्य तालाबों पर लागू करने की योजना बनाई है।सभी से अपील की गई है कि जल संवर्धन में सब सक्रिय हों।

a

Related Articles

Back to top button