अक्षय तृतीया के अवसर पर ग्राम टीकरी कला एवं फूप में हुए जागरूकता शिविर संपन्न।

अक्षय तृतीया के अवसर पर ग्राम टीकरी कला एवं फूप में हुए जागरूकता शिविर संपन्न।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार तथा के.एस.बारिया, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भिण्ड के कुशल मार्गदर्शन में ग्राम टीकरी कला एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, फूप जिला भिण्ड में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
उक्त शिविर में मुख्य रूप से उपस्थित अनुभूति गुप्ता न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भिण्ड एवं देवेश शर्मा, जिला विधिक सहायता अधिकारी, भिण्ड द्वारा उपस्थित ग्रामीणजन एवं आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उक्त शिविर के विषय बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के बारें में बताया कि बाल विवाह एक गंभीर समस्या है, हालांकि यह शहरों की तुलना में गांवों में ज्यादा दिखाई देती है। यह बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है और उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का अतिक्रमण करता है जिससे उन पर हिंसा, शोषण तथा यौन शोषण का खतरा बना रहता है बाल विवाह लड़कियों और लड़कों दोनो पर असर डालता है। बाल विवाह को रोकने के लिए शासन द्वारा नुक्कड़-नाटक, रैलियां और सेमिनार जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जनता में जागरूकता पैदा किए जाने हेतु कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसके अतिरिक्त यदि किसी बालक का बाल विवाह हो जाता है और वह उसे शून्य घोषित करवाना चाहता है तो वह जिला न्यायालय में अर्जी प्रस्तुत कर सकता है।
इसके अतिरिक्त डॉ. मनोज कुमार, जिला रजिस्टार/ न्यायाधीश भिण्ड द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूप में आयोजित विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर में आमजनों को गरीबी उन्मूलन योजना के प्रभावी क्रियांवयन के संबंध में एवं उक्त योजना एवं उनके लाभों के बारें में जागरूक करने, उन्हें संबंधित सुविधाओं का लाभ प्रदान करवाने व उन्हें प्राधिकरण से निःशुल्क कानूनी सलाह एवं सहायता उपलब्ध करवाना है। इसके अतिरिक्त आमजनों को विभिन्न कानूनी मुद्दों के बारें में भी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदाय की गई।
उक्त कार्यक्रम में ग्राम टीकरी कला के ग्रामीणजन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूप के चिकित्सकगण, कार्यकर्तागण आदि एवं रामाधर पुरोहित, पीएलही भिण्ड उपस्थित रहे।




