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लोक अदालत मे 547 लंबित प्रकरणों का हुआ निराकरण, वर्षों से लंबित।

मुकद्में से छुटकारा पाकर लोगों के चेहरे पर खिली खुशी।

लोक अदालत मे 547 लंबित प्रकरणों का हुआ निराकरण, वर्षों से लंबित।
मुकदमों से छुटकारा पाकर लोगों के चेहरे पर खिली खुशी।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन राजीव कुमार अयाची, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड के निर्देशानुसार एवं मनोज कुमार तिवारी (सीनि.) विशेष न्यायाधीष / समन्वयक अधिकारी नेशनल लोक अदालत तथा हिमांशु कौशल जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड के मार्गदर्शन में किया गया। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिला मुख्यालय भिण्ड एवं न्यायिक तहसील मेहगांव, गोहद एवं लहार हेतु कुल 24 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया था जिसके फलस्वरूप जिला मुख्यालय भिण्ड एवं तहसील मेहगांव, गोहद एवं लहार में लंबित कुल न्यायालयीन प्रकरण संख्या 547 प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें कुल 1554 पक्षकार लाभान्वित हुए तथा राशि 12788111/(एक करोड सत्ताईस लाख अठासी हजार एक सौ ग्यारह)-रूपये का अवार्ड पारित किया गया। उक्त प्रकरणों के अतिरिक्त प्रीलिटिगेशन जिनमें जलकर सम्पत्तिकर, विद्युत बी.एस.एन.एल, बैंक आदि के कुल प्रीलिटिगेषन प्रकरण संख्या 866 का निराकरण किया गया, जिसमें 2175 व्यक्तियों को लाभांवित किया गया तथा उक्त प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में कुल 8919276/-रूपये (नबासी लाख उन्नीस हजार दौ सौ छियत्तर रूपये) राषि वसूल की गई।
वर्ष 2024 की अंतिम नेशनल लोक अदालत में गठित खण्डपीठो द्वारा कई मामलो में पक्षकारो के मध्य आपसी कटुता को समाप्त करते हुये दोनो पक्षो को मिलाने का कार्य किया गया तथा सफल प्रकरणों में पक्षकारो को पौधे भेट कर उन्हे जीवन में विवाद को समाप्त करने तथा शांतिपूर्वक सुखी एवं समृद्ध जीवन व्यतीत करने की सलाह भी दी गयी।
लोक अदालत में मिला त्वरित न्याय, दाम्पत्य जीवन का फिर से शुभारंभ
खण्डपीठ क्र.1 के पीठासीन अधिकारी मोहम्मद सैय्यदुल अबरार, प्रधान. न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय भिण्ड के न्यायालय में लंबित प्रकरण जिसमें आवेदिका विनीता जैन पत्नी विनोद जैन निवासी पुस्तक बाजार भिण्ड हाल निवासी पेच नं. 1 आदर्श कॉलोनी इटावा रोेड भिण्ड का विवाह अनावेदक विनोद जैन पुत्र सनत कुमार जै उर्फ हरी जैन निवासी सदर पुस्तक बाजार भिण्ड के साथ 18 वर्ष पूर्व हिंदु विधि के अनुसार संपन्न हुआ था। उभयपक्ष के मध्य आपसी विवाद हो जाने के कारण आवेदिका ने दिनांक 27.07.2023 को अनावेदक/अपने पति से वैवाहिक संबंधों के पुर्नस्थापना हेतु धारा- 9 हिंदू विवाह अधिनियम का प्रकरण प्रस्तुत किया था।
उभयप़क्ष आज लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय खण्डपीठ के समक्ष उपस्थित हुए, उभयपक्ष को साथ-साथ रहने की समझाइश दी गयी तो उभयपक्ष साथ रहकर दाम्पत्य जीवन का निर्वहन करने के लिए तैयार हुये तथा प्रकरण राजीनामा के आधार पर समाप्त किये जाने का निवेदन किया। उक्त लोक अदालत के दोनों पक्षों द्वारा दाम्पत्य जीवन का निर्वहन स्वेच्छापूर्वक करने एवं एक साथ रहने के आधार पर साथ-साथ्ज्ञ रहने के लिए न्यायालय से ही भेजा गया। इस प्रकार दोनों पक्षों को त्वरित न्याय मिला और एक बिखरा हुआ परिवार फिर से एक हुआ। उक्त दोनों प्रकरणों में पक्षकारगणों द्वारा एक-दूसरे को फूल मालाएं पहनाई गई तथा उन्हें पीठासीन अधिकारी महोदय द्वारा फलदार पौधे स्मृति स्वरूप भेंट किए गए तथा उन्हें सुखी दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दी गई।

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