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किसानों को प्राकृतिक खेती व नई तकनीक अपनाने करें प्रेरित – कलेक्टर।

किसानों को प्राकृतिक खेती व नई तकनीक अपनाने करें प्रेरित – कलेक्टर।

*कृषि विभाग अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्न*

कलेक्टर भिण्ड की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि विभाग अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के कृषि विकास को तेज करने हेतु ऐसे किसानों की पहचान की जाए जो कृषि कार्य में नवाचार कर रहे हैं और उन्हें अन्य किसानों से मिलवाकर अपना अनुभव साझा करने के लिए प्रेरित करें। उन किसानों को भी प्रेरित किया जाए जो अन्य जिलों और प्रदेशों में जाकर नई तकनीकें और उपाय सीखकर लौटे हैं ताकि वे अपने अनुभव बाकी किसानों को सिखा सकें और विस्तार में अपनाने की प्रेरणा मिल सके।

मिट्टी की गुणवत्ता सुधार पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि समय-समय पर मिट्टी का परीक्षण कराते रहना अनिवार्य है। परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मिट्टी के अनुसार उपयुक्त फसल और समुचित पोषक तत्वों के प्रयोग के विषय में मार्गदर्शन दिया जाए। साथ ही मशीनरी के डेमोंस्ट्रेशन कराए जाएं ताकि किसान प्रभाव देखकर नई मशीनों और उपकरणों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित हों तथा खेतों में श्रम और लागत दोनों कम हों।

खाद विकल्प और पोषण प्रबंधन के संबंध में कलेक्टर ने डीएपी की जगह एनपीके खाद के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया और एनपीके खाद के लाभों के प्रति किसानों को जागरूक करने कहा। बागवानी के क्षेत्र का महत्व बताते हुए कलेक्टर ने कहा कि बागवानी का एरिया बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए क्योंकि इसमें रोजगार और आय के अवसर अधिक हैं। ग्राफ्टिंग के लिए समूह बनाकर संचालन किया जाए ताकि कम समय में अधिक पौधे तैयार किए जा सकें और पैदावार में तेजी लाई जा सके।

प्राकृतिक तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि जो किसान प्राकृतिक और जैविक खेती में अच्छा कार्य कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहन दिया जाए और संबंधित अधिकारी प्राकृतिक खेती के लक्ष्य निर्धारित करके काम करें ताकि बेहतर परिणाम दिखें। रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर प्रवृत्ति बढ़ाने के लिए जनसांख्यिक व तकनीकी स्तर पर प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं।

बैठक में उन किसानों को भी लक्षित करने का निर्देश दिया गया जो खेती का उपयोग नहीं कर रहे या बाहर रह रहे हैं, उन्हें अपने खेतों में पौधे लगाने तथा खेती से जोड़े जाने के लिए प्रेरित किया जाए। अक्षय ऊर्जा को बढ़ाने हेतु कलेक्टर ने किसानों को सोलर पम्प लगाने के लिए प्रेरित करने तथा इससे जुड़ी योजनाओं की जानकारी देने का निर्देश दिया। साथ ही स्थानीय स्तर पर जीवित शहद (लाइव हनी) के प्रमाणन के लिए प्रयास तेज करने और उत्पाद की पहचान व बाजार संवर्धन के उपाय अपनाने के भी निर्देश दिए गए।
कृषि विभाग अधिकारियों से कहा गया कि उपरोक्त निर्देशों का पालन कर प्रभावी कार्य योजना बनाकर समयबद्ध रूप में क्रियान्वयन करें तथा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए ताकि जिले में सतत और समावेशी कृषि विकास सुनिश्चित किया जा सके।

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