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पिंक ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइव का किया गया आयोजन,शासकीय गांधी महाविद्यालय मिहोना में लगभग 150 से अधिक बालिकाओं ने की प्रतिभागिता।

पिंक ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइव का किया गया आयोजन,शासकीय गांधी महाविद्यालय मिहोना में लगभग 150 से अधिक बालिकाओं ने की प्रतिभागिता।

*40 से अधिक बालिकाओं को तत्काल लर्निंग लाइसेंस बनाकर कराए गए उपलब्ध*

 

कलेक्टर भिण्ड के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र सिंह अंब और जिला परिवहन अधिकारी राजेंद्र सोनी के निर्देशन में मिशन शक्ति के उपघटक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ विमेन के तहत पिंक ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइव का आयोजन शासकीय गांधी कॉलेज बालाजी मिहोना में किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग से बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना, आउटरीच कार्यकर्ता दीपेंद्र शर्मा, महाविद्यालय के प्राचार्य धर्म सिंह, राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ अभिषेक तिवारी, महाविद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में बालिकाएं उपस्थित रहीं।

उक्त कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग एवं जिला परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया।
बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना के द्वारा अवगत कराया गया कि मध्य प्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निर्देशित पिंक लाइसेंस ड्राइव का प्रमुख उद्देश्य महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस और स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस तैयार कर उनके सशक्तीकरण की दिशा में एक पहल है, उनके द्वारा अवगत कराया गया कि बालिकाओं और महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस पूर्णतः निःशुल्क हैं। किसी भी स्तर पर आपको कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।

शासकीय गांधी महाविद्यालय मिहोना में आयोजित कार्यक्रम में 150 से अधिक बालिकाओं ने प्रतिभागिता की, जिनमें सभी बालिकाओं के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पंजीयन कराए गए एवं 40 से अधिक बालिकाओं को तत्काल लर्निंग लाइसेंस बनाकर उपलब्ध कराए गए। आरटीओ विभाग से उपस्थित कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक भदौरिया के द्वारा बालिकाओं को लर्निंग लाइसेंस के पंजीयन की प्रक्रिया समझाई गई। पंजीयन के दौरान यूथ आइकन राहुल राजपूत, माय भारत ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मीना दोहरे के द्वारा बालिकाओं के पंजीयन में सहायता की गई।

पंजीयन के पश्चात उनको ड्राइविंग टेस्ट के बारे में भी जानकारी दी गई और 40 बालिकाओं के ड्राइविंग टेस्ट भी पास कराए गए। ड्राइविंग टेस्ट पास करने के उपरांत उनका लर्निंग लाइसेंस जनरेट हो गया और बालिकाओं को प्रदान किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र सिंह अंब एवं जिला परिवहन अधिकारी राजेंद्र सोनी द्वारा स्पष्ट किया गया कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में पिंक ड्राइविंग लाइसेंस बहुत ही प्रशंसनीय पहल है और इससे न केवल बालिकाओं का सशक्तिकरण अपितु आधी आबादी के ड्राइविंग लाइसेंस के पंजीयन की दर भी बढ़ेगी और दोनों विभाग समन्वय के साथ आगे भी महिला सशक्तिकरण की ओर पिंक ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया जारी रखेंगे।

महाविद्यालय के प्राचार्य धर्म सिंह एवं कार्यक्रम अधिकारी अभिषेक तिवारी के द्वारा भी दोनों विभागों से अनुरोध किया गया कि वह आगे भी इस तरह के कैंप महाविद्यालय में लगाकर बालिकाओं को जागरूक करेंगे और विद्यालय इस तरह की गतिविधि का हमेशा स्वागत करता है।
कार्यक्रम के अगले चरण में मिशन वात्सल्य के तहत पोक्सो एक्ट की जानकारी गई। पोक्सो ई-बॉक्स पोर्टल पर शिकायत करने का तरीका बताया, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 महिला एवं बालकों से संबंधित विभिन्न हेल्पलाइन, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930, 112 की जानकारी प्रदान की गई।

बाल विवाह प्रतिशेष अधिनियम के तहत जानकारी दी गई और स्पष्ट किया गया की 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियों और 21 वर्ष से कम आयु का लड़का, में यदि विवाह संपन्न होता है तो यह बाल विवाह की श्रेणी में आएगा, इसके लिए उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है और बाल विवाह अधिनियम के तहत न केवल वर और वधू पक्ष बल्कि विवाह में सम्मिलित होने वाले समस्त स्टेकहोल्डर, गार्डन वाले, कार्ड प्रिंट करने वाला, धोबी, नाई, धार्मिक गुरु आदि सभी बराबर के जिम्मेदार माने जाएंगे। सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण किट प्रदाय की गई।
कार्यक्रम के अंत में बालिकाओं को और स्टाफ को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई गई।

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