नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित कुल 896 प्रकरणों का हुआ निराकरण

नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित कुल 896 प्रकरणों का हुआ निराकरण
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार संपूर्ण भिण्ड जिले में नेशनल लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस नेशनल लोक अदालत का औपचारिक शुभारंभ के.एस. बारिया, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भिण्ड, के शुभ करकमलों के द्वारा माता सरस्वती की प्रतिमा एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर समस्त सम्माननीय न्यायाधीशगण, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भिण्ड एवं अभिभाषक संघ भिण्ड के अध्यक्ष, पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिला मुख्यालय भिण्ड एवं न्यायिक तहसील मेहगांव, गोहद एवं लहार हेतु कुल 27 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया था जिनमें सुलहकर्ता सदस्य के रूप मे नामित अधिवक्तागण द्वारा सहयोग प्रदान किया गया, जिसके फलस्वरूप जिला मुख्यालय भिण्ड एवं तहसील न्यायालय मेहगांव, गोहद एवं लहार में न्यायालयों में लंबित कुल 869 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें कुल राशि 22908706/- रूपये ( दो करोड़ उन्नतीस लाख आठ हजार सात सौ छः रूपये मात्र) के अवार्ड पारित किये गये। उपरोक्त प्रकरणों के अतिरिक्त प्रीलिटिगेशन प्रकरणों, जिनमें जलकर, सम्पत्तिकर, विद्युत, बी.एस.एन.एल, बैंक आदि के कुल 1338 प्रकरणों का निराकरण किया गया, उपरोक्त प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में कुल 13905281/-रूपये ( एक करोड़ उन्नतालीस लाख पांच हजार दो सौ इक्यासी रूपये मात्र) समझौता राशि रही।
वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत में गठित खण्डपीठो द्वारा कई मामलो में पक्षकारों के मध्य आपसी कटुता को समाप्त करते हुये दोनों पक्षों को मिलाने का कार्य किया गया तथा सफल प्रकरणों में पक्षकारों को पौधे भेंट कर उन्हे जीवन में विवाद को समाप्त करने तथा शांतिपूर्वक सुखी एवं समृद्ध जीवन व्यतीत करने की सलाह भी दी गयी।
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01. प्र0क्रं0 345/2025 मु0फौ0 पूनादेवी आदि विरूद्ध राधेश्याम गुप्ता
पूनादेवी गुप्ता, राधेश्याम गुप्ता की विवाहिता 76 वर्षीय वृद्ध पत्नी हैं। राधेश्याम गुप्ता सेना से सेवानिवृत्त होकर 60 हजार रूपये मासिक पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। पूनादेवी गुप्ता ने सामाजिक स्तर पर राधेश्याम गुप्ता से भरण पोषण की व्यवस्था करने के लिये कहा परन्तु नहीं माने जाने के कारण पूनादेवी गुप्ता ने अपने पति राधेश्याम गुप्ता से भरण पोषण प्राप्त करने के लिये कुटुम्ब न्यायालय, भिण्ड के न्यायालय में भरण पोषण के लिये यह याचिका पेश की। उभयपक्ष के मध्य आपसी विवाद हो जाने के कारण पूनादेवी गुप्ता, राधेश्याम गुप्ता से पृथक निवास करने लगी थीं।
उभयपक्ष आज नेशनल लोक अदालत में खण्डपीठ क्र. 01 के समक्ष उपस्थित हुये। उक्त खण्डपीठ के पीठासीन अधिकारी दिलीप कुमार गुप्ता, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय भिण्ड के प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रकरण के दोनों पक्ष के मध्य राजीनामा हो गया। नेशनल लोक अदालत में उभय पक्ष के मध्य राजीनामा हो जाने के आधार पर प्रकरण समाप्त किया गया। पति-पत्नी द्वारा सौहार्दपूर्ण वातावरण में एक-दूसरे को माला पहनाई और उन्हें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भिण्ड एवं प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय भिण्ड द्वारा एक पौधा उपहार स्वरूप दिया गया। दोंनो ही पक्षों ने पौधा प्राप्त कर व्यक्त किया कि वे इस पौधे की पूरी देखरेख करेंगे और कोई आपसी विवाद होने पर आपस में घर बैठकर इस पौधे के समक्ष ही निपटारा करेंगे।
02. प्र0क्रं0 376/2024 मु0फौ0 पूनम विरूद्ध रामनिवास पूनम का विवाह रामनिवास के साथ 12 वर्ष पूर्व हिन्दू विधि से संपन्न हुआ था। पूनम को रामनिवास के संसर्ग से दो पुत्र शिवम उम्र 09 वर्ष व सत्यम उम्र 05 वर्ष पैदा हुए। उभयपक्ष के मध्य आपसी विवाद हो जाने के कारण पूनम अपने बच्चों सहित अपने पति रामनिवास से पृथक अपने मायके में निवास करने लगी थी। पूनम ने रामनिवास से भरण-पोषण राशि दिलाये जाने बाबत् कुटुम्ब न्यायालय, भिण्ड के न्यायालय में याचिका पेश की।
उभयपक्ष आज लोक अदालत में खण्डपीठ क्रमांक 01 के समक्ष उपस्थित हुए उक्त खण्डपीठ के पीठासीन अधिकारी दिलीप कुमार गुप्ता, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय भिण्ड के प्रयासों के परिणामस्वरूप दोनों पक्ष के मध्य राजीनामा हो गया। उभय पक्ष के मध्य राजीनामा हो जाने के आधार पर नेशनल लोक अदालत में प्रकरण समाप्त किया गया। पति-पत्नी द्वारा सौहार्दपूर्ण वातावरण में एक-दूसरे को माला पहनाई और उन्हें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भिण्ड एवं प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय भिण्ड द्वारा एक पौधा उपहार स्वरूप दिया गया दोंनो ही पक्षों ने पौधा प्राप्त कर व्यक्त किया कि वे इस पौधे की पूरी देखरेख करेंगे और कोई आपसी विवाद होने पर आपस में घर बैठकर इस पौधे के समक्ष ही निपटारा करेंगे।




