क्रेडिट लिमिट एवं उर्वरक मांग के संबंध में नियमानुसार आवश्यक समन्वय स्थापित करें – कलेक्टर

क्रेडिट लिमिट एवं उर्वरक मांग के संबंध में नियमानुसार आवश्यक समन्वय स्थापित करें – कलेक्टर
*सहकारी बैंकों एवं उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा बैठक सम्पन्न*
जिले में रबी सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की सुचारु, पारदर्शी एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर पवन कुमार जैन की अध्यक्षता में सहकारी बैंक एवं उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इस दौरान उप संचालक कृषि राम सुजान शर्मा, डीएमओ मार्कफेड प्रशांत जैन सहित सभी सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कलेक्टर पवन कुमार जैन ने निर्देशित किया कि सभी शाखा प्रबंधक अपने क्षेत्र की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखें तथा किन समितियों में उर्वरक की मांग है और किन समितियों में उर्वरक की आवश्यकता नहीं है, इसकी स्पष्ट एवं अद्यतन जानकारी प्रधान कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
उन्होंने प्रधान कार्यालय को निर्देशित किया कि 10 से 12 पैक्स के समूहवार उर्वरक आवंटन एवं आपूर्ति की जानकारी संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित रूप से साझा की जाए, जिससे आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक वितरण की योजना बनाई जा सके। किसी भी प्रकार की समस्या अथवा आपूर्ति संबंधी बाधा उत्पन्न होने पर तत्काल उप संचालक कृषि को अवगत कराते हुए समस्या के निराकरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में पैक्स की क्रेडिट लिमिट एवं उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि क्रेडिट लिमिट समाप्त होने अथवा कम होने की स्थिति में संबंधित शाखा प्रबंधक नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करें तथा उर्वरक आपूर्ति में अनावश्यक बाधा उत्पन्न न होने दें। क्रेडिट लिमिट एवं उर्वरक मांग के संबंध में नियमानुसार आवश्यक समन्वय स्थापित किया जाए।
उर्वरक की मांग, आपूर्ति एवं उपलब्ध स्टॉक का अद्यतन विवरण नियमित रूप से संकलित किया जाएगा। प्रत्येक उर्वरक गोदाम पर स्पष्ट एवं पठनीय सूचना बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें गोदाम का नाम, संबंधित शाखा तथा प्रभारी अधिकारी का विवरण अंकित रहेगा। यह कार्य तीन दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
सभी पैक्स प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि समिति का नाम, शाखा, प्रभारी का नाम एवं मोबाइल नंबर सहित आवश्यक जानकारी निर्धारित समय-सीमा में लिखित रूप से उपलब्ध कराएं। इसके अतिरिक्त, 168 पैक्स के व्हाट्सएप समूह के माध्यम से उर्वरक गोदामों की स्थिति, संबंधित प्रभारी अधिकारियों के नाम तथा संपर्क विवरण का एकीकृत संकलन कर उप संचालक कृषि कार्यालय को उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही पूर्ण कर उर्वरक वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी करें, ताकि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके तथा रबी सीजन में कृषि कार्य प्रभावित न हो।




