प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस भिंड में राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर साप्ताहिक कार्यशाला का समापन।
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस भिंड में राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर साप्ताहिक कार्यशाला का समापन।
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय एम.जे.एस. महाविद्यालय भिंड में राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ आर एस शर्मा के मार्गदर्शन निर्देश स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ, भारतीय ज्ञान परंपरा, एन.एस.एस. इकाई के संयुक्त तत्वाधान में साप्ताहिक कार्यशाला के समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम महाविद्यालय में मां सरस्वती के चरणों में पुष्प अर्पण,और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात बीएससी तृतीय वर्ष की छात्राओं संजना यादव, सानिया कटारे, नैन्सी यादव, के द्वारा मां सरस्वती के चरणों में सरस्वती गायन का आयोजन किया गया। इसके पश्चात में मुख्य अतिथि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 के गणित विषय विभागाध्यक्ष के. एन. बाजपेई, प्राचार्य डॉ आर ए शर्मा, गणित विभाग के विभाग के प्राध्यापक डॉ बीनू सिंह, डॉ शिवमंगल सिंह, डॉ एस सी शर्मा का सम्मान महाविद्यालय प्राध्यापकों द्वारा किया गया । इसके पश्चात निवास रामानुजन के जीवन पर आधारित शॉर्ट वीडियो प्रोजेक्टर के माध्यम से विद्यार्थियों की समझ प्रस्तुत किया गया जिसमें उनके बचपन से लेकर पढ़ाई और जीवन में आने वाले सभी कठिनाइयों को विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार प्रस्तुत किया कि विद्यार्थी उनके जीवन से प्रेरणा पद विचारों को ग्रहण करें और किस प्रकार उन्होंने कम आयु में अपने देश की गणित के विषय में ख्याति विश्व पटल पर पहुंचाई। तत्पश्चात महाविद्यालय छात्राओं द्वारा रामानुजन के जीवन पर आधारित नाटक अभिनय को मुख्य अतिथि और विद्यार्थियों के समक्ष किया गया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि डॉ. की एन बाजपेई ने विद्यार्थियों को संबोधित कर बताया श्रीनिवास रामानुजन ने गणित, खासकर संख्या सिद्धांत, गणितीय विश्लेषण और अनंत श्रृंखला (Infinite Series) में अभूतपूर्व योगदान दिया, जिसमें पाई (π) के लिए नई श्रृंखलाएँ, मॉड्यूलर फ़ंक्शन्स, और विभाजन फ़ंक्शन (Partition Function) के गुण शामिल हैं, जिन्होंने आधुनिक गणित की नींव रखी; उन्होंने लगभग 3900 प्रमेय दिए और अपनी नोटबुक से गणितज्ञों को प्रेरित करना जारी रखा। गणित विभाग से डॉक्टर बीनू सिंह ने विद्यार्थियों को रामानुजन हार्ड संख्या 1729 के बारे में विस्तार से जानकारी दी उन्होंने बताया कि हार्डी-रामानुजन संख्या 1729 है, जो सबसे छोटी संख्या है जिसे दो अलग-अलग तरीकों से दो धनात्मक पूर्णांकों के घनों (cubes) के योग के रूप में व्यक्त किया जा सकता है। डॉ शिव मंगल सिंह ने बताया कि गणित का ATM में मुख्य योगदान संख्याओं के विभाजन (Partition Theory) के रूप में नोटों का सही संयोजन तय करने, एन्क्रिप्शन द्वारा सुरक्षा सुनिश्चित करने (जैसे DES एल्गोरिथम) और एल्गोरिथम डिजाइन के माध्यम से कुशल कैश मैनेजमेंट Refill Scheduling में होता है, जिससे ग्राहकों को सुविधाजनक तरीके से नकदी मिलती है और बैंक की लागत कम होती है। महाविद्यालय प्राचार्य विद्यार्थियों ने विद्यार्थियों को शून्य के महत्व के बारे में बताया। प्रोफेसर मोहित कुमार दुबे ने मंच संचालन करते हुए बताया किस प्रकार शून्य की उपमा देने वाला भारत शून्य से ए.आई तक आधुनिक तकनीकि को विश्व में चरम सीमा पर ला रहा है। उन्होंने प्रसिद्ध गीत जब जीरो दिया मेरे भारत ने दुनिया को तब गिनती आई से विद्यार्थियों को आर्यभट्ट से लेकर आधुनिक आई तक नवाचार परंपरा में रामानुजन के विचारों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। इस अवसर पर महाविद्यालय में पोस्टर प्रेजेंटेशन मॉडल प्रेजेंटेशन रंगोली मेकिंग प्रेजेंटेशन आदि प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों के द्वारा विभिन्न प्रकार की क्रियाशील मॉडल और पोस्टर बनाकर गणित के विकास और विभिन्न पहलुओं को समझाया गया अंत में सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र पुरस्कार वितरण किए गए। कार्यक्रम का समापन जन गण मन के साथ किया गया इस अवसर पर डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ अनिता बंसल, डॉ सुरभि बाथम, डॉ.राजीव कुमार जैन डॉ शब्बीर अहमद मीर , प्रो अभिषेक जैन,डॉ. रवि जैन , डॉ कल्पना कुलश्रेष्ठ डॉ अमृत पवैया,डॉ. आरती शर्मा डॉ कविता गुप्ता सहित समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।




