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सर्दियों में होने वाली बरसात से बढ़ती मौसमी बीमारियाँ – आयुष विभाग द्वारा होम्योपैथी से सुरक्षित बचाव व उपचार।

सर्दियों में होने वाली बरसात से बढ़ती मौसमी बीमारियाँ – आयुष विभाग द्वारा होम्योपैथी से सुरक्षित बचाव व उपचार।

सर्दियों के मौसम में होने वाली बरसात से वातावरण में ठंडक एवं नमी बढ़ जाती है, जिसके कारण विभिन्न प्रकार के मौसमी संक्रमण तेजी से फैलने लगते हैं। इस दौरान सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, गले में खराश, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, जोड़ों का दर्द, त्वचा रोग तथा पाचन संबंधी समस्याएँ आम हो जाती हैं। विशेष रूप से बच्चे, बुजुर्ग एवं कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति इन बीमारियों से अधिक प्रभावित होते हैं।
होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति इन मौसमी बीमारियों के उपचार एवं बचाव में सुरक्षित, प्रभावी एवं दुष्प्रभाव रहित विकल्प प्रदान करती है। यह शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित करती है तथा बीमारी को जड़ से ठीक करने में सहायक होती है।
डॉ. माधवी सूर्यवंशी, होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। लोगों को गर्म कपड़े पहनना, बारिश में भीगने से बचना, गुनगुना पानी पीना, पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेना, स्वच्छता बनाए रखना तथा नियमित योग एवं व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मौसमी रोगों से बचाव एवं स्वस्थ जीवन के लिए होम्योपैथिक परामर्श एवं उपचार सेवाओं का लाभ अवश्य उठाएँ।
डॉ. माधवी सूर्यवंशी
होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी
आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष), लहार, भिंड

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