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भिण्ड पुलिस द्वारा आम जनता को लोन का प्रलोभन देकर एवं ऑनलाईन गेमिंग के नाम पर युवाओं को लालच में फंसाकर सायबर फॉड करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश ।

भिण्ड पुलिस द्वारा आम जनता को लोन का प्रलोभन देकर एवं ऑनलाईन गेमिंग के नाम पर युवाओं को लालच में फंसाकर सायबर फॉड करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश ।

आरोपीगण स्थानीय जनता को तत्काल लोन का प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते खरीदने के उपरान्त उनका प्रयोग ऑनलाईन गेमिंग डिजिटल अरेस्ट एवं अन्य सायबर फॉड करके ठगी की राशि हस्तान्तरण करते थे

मात्र कुछ महीने में ही बैंक खातों के माध्यम से ही करोडों रूपयों की राशि का लेनदेन आया सामने।

आरोपीगणों के द्वारा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि प्रदेशों में खरीदे गये बैंक खाते जिनका प्रयोग सायबर फॉड की राशि का लेनदेन करने में हुआ प्रयोग।

खाता होल्ड होने से पहले निकाल लेते थे क्यूआर कोड तथा अन्य डिजिटल पेमेंट के माध्यम से निकाल लेते थे रकम।

अन्य राज्यों से भी होल्ड कराये गये आरोपियों के खाते ।

अन्य कई खरीदे गये खातों का मिला विवरण। कुल 5 आरोपीगणों को किया गया गिरफ्तार।

घटना का विवरणः-

फरियादी ने थाना उमरी में उपस्थित होकर दिनांक 19.12.25 को रिपोर्ट किया कि वह हर महीने खाटूश्याम जिला सीकर राजस्थान में जाता था। जहां उसकी पहचान आरोपीगणों से हुयी बातों बातों में आरोपीगणों ने उससे सरकारी योजना के लोन तथा प्रायवेट कम्पनी से लोन दिलाने का झांसा देकर उसके बैंक का खाता, एटीएम कार्ड सिम, आधार कार्ड व पेन कार्ड की कॉपी ले ली है तथा एक खाते में एक लाख से अधिक राशि का लोन प्राप्त न होने की कहानी बनाकर फरियादी से उसके 5-6 दोस्त तथा रिश्तेदारों के खाते एवं दस्तावेज आरोपीगणों ने ले लिये। लोन न मिलने पर फरियादी द्वारा आरोपीगणों से बार बार सम्पर्क करने पर आरोपीगणों द्वारा कोई स्पष्ट जबाव नहीं मिला। इसके बाद फरियादी द्वारा अपने बैंक खाते की डिटेल चैक की गयी जिसमें लाखों रूपये का लेनदेन सामने आया। इसी प्रकार उसके द्वारा दिये गये अपने रिश्तेदारों के अन्य खातों में भी लाखों रूपये का लेनदेन का मामला सामने आया। तब फरियादी को अपने साथ हुयी धोखाधड़ी का अहसास हुआ। फरियादी द्वारा तत्काल थाना उमरी पुलिस को अपने साथ हुये सायबर फॉड की जानकारी दी गयी। थाना उमरी पुलिस द्वारा घटना की तस्दीक करने के उपरान्त तत्काल आरोपीगणों के विरूद्ध मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

उक्त सायबर फॉड की घटना को पुलिस अधीक्षक भिण्ड डॉ. असित यादव द्वारा गम्भीरता से लिया गया तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव पाठक के निर्देशन एवं उपुपलिस अधीक्षक मुख्यालय दीपक तोमर के मार्गदर्शन में उक्त घटना कारित करने वाले आरोपीगणों को तत्काल पकडने हेतु थाना उमरी, नयागांव, बरोही एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। उक्त टीम द्वारा सयुक्त रुप से कार्य करते हुए तकनीकि साक्ष्य एकत्रित किये गये एवं मुखबिर तंत्र संकिय किया गया। जिसके आधार पर दिनांक 20.12.25 को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुयी कि आरोपीगण एक अर्टिगा गाडी से भागने की फिराक में है। जिन्हें उक्त टीम द्वारा थाना गोहद चौराहा क्षेत्र में छीमका गांव के पास घेराबन्दी कर पकड लिया गया।

आरोपीगणों से बारीकी से पूछताछ की गयी तो आरोपीगणों द्वारा बताया कि वे सभी राजस्थान के रहने वाले है तथा आम जनता के साथ लोन, सरकारी नौकरी तथा अन्य प्रकार से पैसे कमाने का लालच देकर उनसे उनके खाते खरीद लेते है तथा उन खातों का उपयोग वह ऑनलाईन गेमिंग, डिजिटल अरेस्ट, सायबर फॉड से प्राप्त हुयी राशि के लेनदेन में उपयोग करते थे। आरोपीगणों द्वारा फरियादी एवं उसके साथी से छलपूर्वक प्राप्त किये गये बैंक खातों में करीबन 3 करोड रूपये से अधिक का लेनदेन अभी तक सामने आया है। साथ ही यह तथ्य भी सामने आया है कि इनके द्वारा भिण्ड में अन्य लोग से भी खाते लिये गये है। जो म्यूल अकाउंट के रूप में सायबर ठगी में प्रयोग कर रहे थे।

वारदात का तरीका उक्त गिरफ्तारशुदा पाचों आरोपीगण जयपुर में किराये के फ्लैट से सायबर ठगी का नेटवर्क चलाते थे। अलग-अलग राज्यों में दलालों के माध्यम से भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर उनसे पांच से दस हजार रूपये में खाता खरीदते थे। साथ ही किसी-किसी व्यक्ति से लोन व शासकीय योजना लेते थे। जिन्हें ऑनलाईन गेमिंग से प्राप्त पैसों के सैक्सटोर्सन, ओटीपी फॉड, होटल बुकिंग फॉड से खातों से पैसा प्राप्त होने पर उसके एक खाते से के नाम से खाता खुलवाकर खाते से जुडे एटीएम व सिम ले ट्रांजेक्शन तथा अन्य सायबर अपराधों जैसे डिजिटल अरेस्ट प्राप्त होने वाले पैसे के ट्रांजेक्शन के लिये इस्तेमाल करते थे। दूसरे खाते में घुमाते थे जिससे कि पुलिस को ट्रेक करना मुश्किल हो। बाद में अलग-अलग माध्यमों से पैसा निकाल लेते थे। पूछताछ में बताया गया कि टेलीग्राम पर बनी आईडी के माध्यम से ऑनलाईन गेम का प्रचार प्रसार करते थे तथा वहीं पर लोगों को फंसाकर आईडी पासवर्ड देकर लोगों को लॉगिन कराकर ऑनलाईन गेम खिलवाते थे। आरोपीगणों द्वारा जिन खातों का उपयोग रकम की लेनदेन में किया जा रहा था उन सभी खातों को पुलिस द्वारा होल्ड करवाने की कार्यवाही की जा रही है। साथ ही आरोपीगणों के अलग-अलग खातों में मिली करीब 01 लाख रूपये की राशि को भी होल्ड करवाया गया है।

बरामदगी-

1-एक अर्टिगा कार कमांक आरजे 18 टीए 5479 कीमती 10 लाख रूपये

2-8 मोबाईल 01 लैपटॉप, 01 सिमकार्ड, 01 कार्ड रीडर

3-पैन कार्ड 04. एटीएम कार्ड 07, पासबुक 01. आधार कार्ड 04. चेकबुक 02

सराहनीय भूमिकाः-उक्त उल्लेखनीय कार्य में थाना प्रभारी उमरी निरीक्षक शिवप्रताप राजावत, उनि ध्यानेन्द्र सिंह, थाना प्रभारी नयागांव उनि वैभव तोमर थाना प्रभारी बरोही उ०नि० अतुल भदौरिया, सायवर सेल प्रभारी सउनि सत्यवीर सिहं, प्रआर प्रमोद पाराशर, महेश कुमार, सतेन्द्र यादव, सोनेन्द्र राजावत, त्रिवेन्द्र सिंह, आर आनन्द दीक्षित, राहुल यादव, आर 118 राहुल तोमर, आर 485 राहुल तोमर, देवेन्द्र, अमित पाल, राजबहादुर, आकाश विकास चौहान, राहुल शुक्ला, प्रशान्त, रितिक यादव तथा ग्राम रक्षा समिति सदस्य आजम खान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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