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राजीव गांधी स्मृति न्यास भिंड द्वारा स्वर्गीय छक्की लाल शर्मा पटेल की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर निरामय नर्सिंग होम भुता कंपाउंड में निशुल्क स्वास,खांसी एवं दमा रोग का स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया।

श्वास खांसी और दमा से सर्दी में बचाव जरूरी है डॉ राधेश्याम शर्मा।

राजीव गांधी स्मृति न्यास भिंड द्वारा स्वर्गीय छक्की लाल शर्मा पटेल की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर निरामय नर्सिंग होम भुता कंपाउंड में निशुल्क स्वास,खांसी एवं दमा रोग का स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया।
प्रेस को जानकारी देते हुए संतोष त्रिपाठी ने बताया स्वास्थ्य परामर्श शिविर में प्रमुख रूप से डॉ अनुपम ठाकुर श्वास खांसी एवं दमा रोग विशेषज्ञ एवं डॉ राधेश्याम शर्मा एमडी मेडिसिन डॉ अरविंद शर्मा डॉ आयुष शर्मा ने 265 मरीजों का परीक्षण किया।
उक्त शिविर में स्पायरोमीटर द्वारा फेफड़ों की जांच, hba1c की जांच, शुगर की जांच,बीपी की जांच की गयी।
शिविर में बोलते हुए डॉक्टर राधेश्याम शर्मा ने कहा इस समय सर्दी का मौसम चल रहा है ऐसे में श्वास खांसी और दमा रोग बहुत ही घातक बीमारी है इससे पीड़ित मरीजों को काफी परेशानी होती है इस समय मरीजों को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है जो व्यक्ति लगातार धुएं के संपर्क में रहता है, पेंटिंग व्यवसाय या स्प्रे पेंट में काम करता है, खदानों में काम करता है, निर्माण कार्य करता है, उसे अस्थमा होने की संभावना होती है। हालांकि, वे इन सबके संपर्क में कितने समय तक रहते हैं, फेफड़ों पर इसका कितना असर होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसी है, इसका भी इसमें दूरगामी असर दिखता है।
शिविर में बोलते हुए डॉक्टर अनुपम ठाकुर ने कहा सर्दी के मौसम में श्वास खांसी एवं दमा रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ जाती है इस समय इन रोगों से पीड़ित मरीजों को गर्म कपड़े पहन कर सर्दी का बचाव करना चाहिए एवं खान-पान का भी ध्यान रखना चाहिए। अस्थमा फेफड़ों में वायुमार्ग से संबंधित एक बीमारी है, विशेषकर इसमें साँस लेने और छोड़ने में तकलीफ़ महसूस होती है। सांस फूलने के कई कारण होते हैं। शरीर में खून की कमी, हृदय रोग, किडनी खराब होना या शरीर में अतिरिक्त वजन (मोटापा) के कारण भी सांस की तकलीफ हो सकती है। हालाँकि, इसे अस्थमा रोग नहीं कहा जाता है। फेफड़ों के अंदर वायुमार्ग की सूजन से उनका व्यास कम हो जाता है। यह स्राव को बढ़ाता है और रक्तवाहिकाओं को संकुचित करता है। ऐसे में सांस छोड़ने में दिक्कत होती है कुल मिलाकर यह फेफड़ों की बीमारी है।
शिविर में डॉक्टर अनुपम ठाकुर सहित समस्त मेडिकल स्टाफ का शाल श्रीफल देकर सम्मान किया गया एवं दो वरिष्ठ वृद्धजनों रामसेवक जाटव एवं कटोरी देवी का भी सम्मान किया गया।
शिविर प्रमुख रूप से पूर्व सीएमओ डॉ विनोद सक्सेना पूर्व सीएमओ डॉ राकेश शर्मा, डॉ वीरेंद्र सिंह भदौरिया, डॉ आरके जैन, रमेश शर्मा, डॉ अजय भदौरिया, मैनकाइंड फार्मा से संजीव सिंह राजावत, सिप्ला कपनी से प्रदीप सिंह, जायड्स हेल्थकेयर, केजी शर्मा, रेखा भदौरिया शिवदत्त शर्मा, केडी पाराशर, डॉ चाँदनी शर्मा, सजनी मॉल, उषा जाटव, मुस्कान, जितेंद्र जैन, सोनू, सुरेंद्र सेंगर, आनंद शाक्य, गोविंद राजावत, राजवीर खन्ना, रविंद्र नरवरिया, गोपाल सविता आदि मौजूद रहे।

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