फसल कटाई के पश्चात नरवाई को जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित – कलेक्टर।

फसल कटाई के पश्चात नरवाई को जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित – कलेक्टर।
*नरवाई जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण एवं आगजनी की घटनाओं तथा भूमि की उर्वरा शक्ति बनाये रखने के उद्देश्य से किया आदेश*
*निर्देशों का उल्लंघन पाये जाने पर पर्यावरण मुआवजा अदा करना होगा*
मध्यप्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा AIR (Prevention & Control of Pollution act 1981 Govt. of M.P. की धारा 19 (5) में राज्य सरकार को प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुये राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना दिनांक 15 मई 2017 जारी कर सर्व संबंधितों एवं आम जनता को निर्देशित करते हुये प्रदेश में तत्काल प्रभाव से खेतों में गेहूं कटाई के पश्चात बचने वाले ठूंठ एवं डंठल (नरवाई) को जलाना तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट भिण्ड ने मध्यप्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग, मंत्रालय भोपाल द्वारा जारी उक्त अधिसूचना दिनांक 15 मई 2017 के अनुपालन में फसल कटाने के उपरांत उसके अवशेषों (नरवाई) को जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण एवं आगजनी की घटनाओं से आमजन के स्वास्थ्य व जानमाल की सुरक्षा हेतु तथा भूमि की उर्वरा शक्ति बनाये रखने के उद्देश्य से आदेश पारित किया है कि भिण्ड जिला अन्तर्गत फसल कटाई के पश्चात बचने वाले अवशेष ठूंठ एवं डंठल (नरवाई) को जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है। इसके अतिरिक्त हार्वेस्टर मशीन संचालकों को यह अनिवार्य होगा कि वह हार्वेस्टर मशीन के साथ-साथ स्ट्रा मेनेजमेंट सिस्टम लगाकर फसल कटाई उपरांत अवशेष से स्थल पर ही भूसा बनाकर अवशेष का निपटान करेंगे। प्रत्येक कम्बाईन हार्वेस्टर संचालक फसल कटाई प्रारंभ करने के पूर्व कृषि विभाग में सहायक कृषि यंत्री, कृषि अभियांत्रिकीय भिण्ड के कार्यालय में अपना पंजीयन करायेंगे, ऑपरेटर एवं मशीन के संचालन हेतु कार्यरत स्टॉफ की जानकारी देंगे, सहायक कृषि यंत्री, कृषि अभियांत्रिकीय भिण्ड उक्त से संबंधित रिकार्ड संधारित करेंगे एवं समय-समय पर उसे राजस्व/कृषि/पुलिस विभाग को पंजीयन के संबंध में अवगत कराते रहेंगे। स्ट्रा मेनेजमेंट सिस्टम का उपयोग किये बिना यदि कोई कृषक फसल कटाने हेतु दबाव बनाता है तो संबंधित कम्बाईन हार्वेस्टर संचालक इसकी सूचना तत्काल संबंधित ग्राम पंचायत निगरानी अधिकारी/पंचायत सचिव या संबंधित पुलिस थाने/नायब तहसीलदार/तहसीलदार/अनुविभागीय दण्डाधिकारी को देना सुनिश्चित करेगा। हार्वेस्टर मशीन एवं स्ट्रा मेनेजमेंट सिस्टम के उपयोग के दौरान मशीन से निकलने वाली चिंगारी से आगजनी की घटनाओं को रोकने हेतु मशीन संचालक अग्नि सुरक्षा संयंत्र के साथ-साथ आग बुझाने के लिये रेत एवं पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेगा।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशानुसार किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था से उपरोक्त निर्देशों का उल्लंघन पाये जाने पर पर्यावरण मुआवजा (Environmental Compensation) अदा करना होगा। जिसमें छोटे भूमि मालिक जिनकी भूमि का क्षेत्र 2 एकड़ से कम है, को पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में 2500/- रूपये प्रति घटना (Incident) देना होंगे। भूमि मालिक जिनकी भूमि का क्षेत्र 2 एकड़ से अधिक व 5 एकड़ से कम है को पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में 5000/- प्रति घटना (Incident) देना होंगे। भूमि मालिक जिनकी भूमि का क्षेत्र 5 एकड़ से अधिक है को पर्यावरणीय मुआवजे के रूप में 15000/- प्रति घटना (Incident ) देना होंगे।
यह भी देखने में आया है कि खेतों के आसपास लगे ट्रांसफार्मर से कभी-कभी चिंगारी/शार्ट सर्किट से भी आगजनी की घटनाएं घटित हो जाती हैं। अतः अधीक्षण यंत्री मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भिण्ड पर्याप्त संख्या में दल गठित कर यह सुनिश्चित करेंगे कि ट्रांसफार्मर से फसल नष्ट होने का खतरा तो नहीं है। खतरा होने की दशा में कृषक की सहमति से ट्रांसफार्मर के आसपास 10X10 फिट क्षेत्र को खुला रखा जावे, जिससे कि शार्ट सर्किट के कारण होने वाली फसल हानि की घटनाओं की रोकथाम की जा सके।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा तथा यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा एवं वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम के अंतर्गत तथा अन्य सुसंगत अधिनियमों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जावेगी। साथ ही माननीय राष्ट्रीय अधिकरण (NGT) के निर्देशानुसार उक्त आदेश में वर्णित अनुसार पर्यावरण मुआवजा (Environmental Compensation) अदा करना अनिवार्य होगा। पर्यावरण मुआवजा (Environmental Compensation) निर्धारण तथा अर्थ-दण्ड हेतु संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी अधिकृत होंगे।
यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।




