जलगंगा अभियान 2026 से पुनर्जीवित हुआ उमरेश्वर तालाब,जल संरक्षण का बना प्रेरक मॉडल।

जलगंगा अभियान 2026 से पुनर्जीवित हुआ उमरेश्वर तालाब,जल संरक्षण का बना प्रेरक मॉडल।
भिण्ड जिले की जनपद पंचायत भिण्ड की ग्राम पंचायत ऊमरी स्थित उमरेश्वर मंदिर तालाब ने जलगंगा संवर्धन अभियान 2026 के माध्यम से एक नई पहचान प्राप्त की है। लगभग 80 वर्षों से उपेक्षित पड़ा यह तालाब जलकुंभी, गाद और झाड़ियों से पूरी तरह भर गया था, जिसके कारण इसकी जल संग्रहण क्षमता लगभग समाप्त हो चुकी थी। परिणामस्वरूप वर्षा जल का समुचित संचयन नहीं हो पाता था। तालाब में अत्यधिक गाद और जलकुंभी होने से पानी भी दूषित हो गया था, जिससे ग्रामीणों और पशुओं के उपयोग में कठिनाइयाँ आती थीं।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित जलगंगा संवर्धन अभियान 2026 के अंतर्गत जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत ऊमरी, सरपंच ग्राम पंचायत ऊमरी, सामाजिक संगठन मित्र परिषद ऊमरी, स्थानीय ग्रामीणों तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से उमरेश्वर तालाब के पुनर्जीवन का कार्य प्रारंभ किया गया। अभियान के तहत तालाब की व्यापक साफ-सफाई तथा जलकुंभी एवं झाड़ियों को हटाने का कार्य किया गया। इस कार्य में ग्रामीणों ने श्रमदान के माध्यम से सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
तालाब के पुनर्जीवन से अब वर्षा जल का प्रभावी संचयन संभव हो सकेगा तथा जल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। स्वच्छ एवं उपयोगी जल उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिलेगी और पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।
ग्रामवासियों ने इस पहल को जल संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए शासन एवं प्रशासन के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन को जनआंदोलन बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया है।
तालाब का पुनर्जीवन जलगंगा अभियान 2026 की एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, जिसने यह सिद्ध किया है कि सामुदायिक सहभागिता, जनजागरूकता और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से जल संरक्षण के क्षेत्र में स्थायी एवं सकारात्मक परिवर्तन लाए जा सकते हैं। यह कार्य अन्य ग्रामों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरा है।




