पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह के बेटे भरत चतुर्वेदी ने लेह में दलाई लामा से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया।

पूर्व मत्री चौधरी राकेश सिंह के बेटे भरत चतुर्वेदी ने बताया कि उन्हें लेह में परम पावन दलाई लामा से भेंट का अवसर मिला। उनके सान्निध्य में करुणा, शांति और मानवता की बात सुनना मेरे लिए एक गहरा अनुभव रहा। उन्होंने स्नेहपूर्वक मुझे एक पुस्तक भी भेंट की – एक ऐसी स्मृति, जिसे मैं संजोकर रखूँगा।चम्बल की धरती, भिंड की मिट्टी और यहाँ का सामाजिक जीवन मेरी जीवन चेतना की जड़ें हैं। उसी चम्बल ने सिखाया है कि समाज में सबसे अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज को सुनना ही सार्वजनिक जीवन का पहला धर्म है!हिमालय की इस ऊँचाई पर खड़े होकर लगा कि भौगोलिक दूरियाँ भले हों, लेकिन चम्बल के खेत-मजदूर से लेकर हिमालय के साधु तक – भारत की आत्मा एक ही है।यह जीवन और जवानी – वंचित और कमजोर के पक्ष में खड़े होने, बराबरी की लड़ाई लड़ने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने का माध्यम है!भिंड की मिट्टी से लेकर लेह के पहाड़ों तक—जनता, न्याय और इंसानियत के पक्ष में यात्रा जारी है।




