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ग्वालियर के मुरैना मार्ग स्थित नगर द्वारा का नाम “दाता बंदी छोड़” द्वार होगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव।

सिख गुरू हरगोविन्द सिंह की स्मृति में किया नामकरण।

ग्वालियर के मुरैना मार्ग स्थित नगर द्वारा का नाम “दाता बंदी छोड़” द्वार होगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव।
सिख गुरू हरगोविन्द सिंह की स्मृति में किया नामकरण।
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सिख समुदाय का रहा है गौरवशाली इतिहास।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर के मुरैना मार्ग स्थित “नगर द्वार” का नाम सिखों के छठवें गुरु, गुरु हरगोविंद सिंह जी के नाम पर “दाता बंदी छोड़ द्वार” रखने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सिख समुदाय का गौरवशाली इतिहास रहा है, बड़ी संख्या में सिख परिवार इस क्षेत्र में निवासरत हैं। अतः ग्वालियर के मुरैना मार्ग पर पुराना छावनी क्षेत्र में बने “नगर द्वार” का नाम “दाता बंदी छोड़ द्वार” रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिखों के छठवें गुरु हरगोविंद सिंह जी को ग्वालियर के किले में मुगल बादशाह जहांगीर ने कई वर्षों तक बंदी बनाए रखा, अन्य 52 हिंदू राजा भी उनके साथ कैद में थे। मुगल बादशाह ने गुरू जी की आध्यात्मिक शक्ति-साधना से घबराकर उनको रिहा करने का निर्णय लिया। हरगोविंद सिंह जी ने अकेले रिहाई से मना कर दिया और 52 हिंदू राजाओं के साथ ही बाहर आने का संकल्प व्यक्त किया। मुगल बादशाह ने मजबूर होकर 52 हिंदू राजाओं को गुरु हरगोविंद सिंह जी के साथ रिहा किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, इस परिप्रेक्ष्य में ग्वालियर में मुरैना मार्ग पर पुरानी छावनी में नव-निर्मित “नगर द्वार” का नाम गुरू हरगोविंद साहब के नाम पर “दाता बंदी छोड़ द्वार” रखा जाना अत्यंत उपयुक्त तथा प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस गौरवशाली इतिहास को याद करने के लिए स्मार्ट सिटी और नगर निगम ग्वालियर को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस पहल से एक बार फिर देश-दुनिया इस महत्वपूर्ण पक्ष से परिचित होगी।

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