दूषित पानी पीने से हुई मौतों के लिए बीजेपी की सरकार जिम्मेदार-धर्मेंद्र सिंह भदौरिया उर्फ पिंकी।

दूषित पानी पीने से हुई मौतों के लिए बीजेपी की सरकार जिम्मेदार-धर्मेंद्र सिंह भदौरिया उर्फ पिंकी।
कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र उर्फ पिंकी भदौरिया ने प्रेसवार्ता में आरोप लगाते हुए बताया कि इंदौर की भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से करीब 20 लोगों की मौत हो गई और 100 के करीब लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती है करीब 2000 लोग दूषित जल पीने से पीड़ित हुए हैं स्वच्छ भारत अभियान में इंदौर करीब 9 बार पहले स्थान पर आता रहा है लेकिन इस घटना ने स्वच्छ भारत अभियान और हर घर जल योजना की पोल खोल कर रख दी है इंदौर में हुई मौतों के लिए बीजेपी की सरकार पूर्ण रूप से जिम्मेदार है उक्त आरोप जिला कांग्रेस कमेटी शहर के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भदोरिया उर्फ पिंकी ने पत्रकार वार्ता में लगाए हैं उन्होंने कहा है कि हैरानी की बात यह है कि पाईप लाइन बदलने के ठेके का अप्रूवल 22 जुलाई 2022 को मिल चुका था लेकिन इस पर काम नहीं हुआ इससे यह साबित होता है कि यह काम किसी कट कमीशन के चलते रुका हुआ था इंदौर के अलावा अमित शाह के इलाके गांधीनगर में भी टाइफाइड फैल रहा है इंदौर में इतनी भयंकर घटना के बाबत जब पत्रकार नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछ रहे थे तब वह फोकट और घंटा जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर पत्रकारों की गरिमा का हनन कर रहे थे मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक इस घटना पर गंभीर नहीं है इंदौर की घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और हो भी नहीं रही है लेकिन लेकिन उक्त घटना पर सवाल पूछना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है दिल्ली में आप सरकार थी तो पानी काला था बीजेपी की सरकार आ गई तो पानी पीला हो गया राज्य सरकार ने 200000 की सहायता राशि दी है जो कि काम है कम से कम 500000 की सहायता राशि दी जाए इंदौर की घटना पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में 11 जनवरी को सुबह 11:00 पैदल मार्च निकाला जा रहा है प्रदेश में रैली आयोजित कर रहे हैं यह पैदल मार्च बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा चौक पर मौजूद अहिल्याबाई होल्कर प्रतिमा तक निकल जाएगा भिंड शहर से अधिक से अधिक संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे।
धर्मेंद्र सिंह भदौरिया उर्फ पिंकी ने कहा केंद्र सरकार की मनरेगा का नाम बदलकर वी बी जी राम जी कर रही है, जिससे लगता है कि केंद्र सरकार नाम बदलकर योजना को खत्म करना चाहती है पहले 100 दिन काम की गारंटी थी अब काम की कोई गारंटी नहीं रहेगी फसल कटाई के मौसम में मजदूरों को काम नहीं मिलेगा मोदी सरकार मजदूरों की मजदूरी मनमर्जी तरीके से तय करेगी मनरेगा में ग्राम पंचायत के माध्यम से अपने ही गांव में विकास के लिए काम मिलता था मजदूरों के काम में मनरेगा मेट और रोजगार सहायक का सहयोग मिलता था और अब आप कहां और क्या काम करेंगे यह काम मोदी सरकार ठेकेदार के माध्यम से मनमाने ढंग से तय करेगी और पूरा फंड केंद्र सरकार से आता था अब 60% फंड केंद्र सरकार देगी और 40% फंड राज्य सरकारों द्वारा दिया जाएगा कहीं राज्यों की माली हालत बहुत खराब है वह उक्त फंड की व्यवस्था नहीं कर पाएंगे जिससे योजना बंद हो जाएगी केंद्र की भाजपा सरकार की यही मनसा है की किसान मजदूर को कम ही ना मिले आज से 20 साल पहले मनमोहन सिंह की सरकार ने महात्मा गांधी रोजगार ग्रामीण योजना शुरू कर ग्रामीण मजदूरों के हित में एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया था मोदी सरकार में हालात यह है कि पिछले 3 महीने से कई राज्यों में मजदूरों को मनरेगा के काम का भुगतान ही नहीं किया गया है कांग्रेस मोदी सरकार से मांग कर दी है कि 1काम की गारंटी मजदूरी की गारंटी और जवाब दे की गारंटी हो
2मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी की जाए
3 काम के संवैधानिक अधिकार की पूर्ण बहाली
4 न्यूनतम वेतन 400 रु होना चाहिए
जिला कांग्रेस कमेटी शहर के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भदौरिया द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रमुख रूप से संतोष त्रिपाठी, हलीम पठान, रामहर्ष सिंह कुशवाह, संदीप मिश्रा, रेखा भदोरिया, स्मिता शर्मा, शिव शंकर भदोरिया, कोके भदोरिया उपस्थित रहे।




