मिशन वात्सलय और मिशन शक्ति के तहत कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

मिशन वात्सलय और मिशन शक्ति के तहत कार्यक्रम का हुआ आयोजन।
*माहवारी स्वच्छता को लेकर दी गई विस्तृत जानकारी*
कलेक्टर भिण्ड के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी परशुराम शर्मा और 30 एमपी बटालियन एनसीसी कमांडिंग ऑफीसर कर्नल कुलवन्त सिंह के मार्गदर्शन में मिशन वात्सलय और मिशन शक्ति के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग से बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना, जिला चिकित्सालय से चिकित्सा अधिकारी डॉ ज्योति परिहार और स्वयंसेवक राहुल राजपूत, 30 एमपी बटालियन के कमांडिंग आफिसर कर्नल कुलवंत सिंह, एस.एम. मदन सिंह और 30 एमपी बटालियन का समस्त स्टाफ और एनसीसी कैडेट बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मिशन शक्ति के अपघटक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं हब फॉर इंपॉवर्मेंट ऑफ वुमन के तहत माहवारी स्वच्छता को लेकर विस्तृत जानकारी डॉ ज्योति परिहार द्वारा प्रदान की गई। महावारी सुरक्षा, माहवारी प्रबंधन, किशोरावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव, हार्मोनल चेंजेज एवं विभिन्न शारीरिक परिवर्तनों और व्यक्तिगत स्वच्छता पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग की ओर से सभी कैडेट को स्वच्छता किट प्रदाय की गई। स्वच्छता किट में सेनेटरी पैड, सैनिटाइजर, वाईपस, साबुन, बैग प्रदान किया गया। डॉ ज्योति परिहार द्वारा बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि माहवारी स्वच्छता के संबंध में कई सामाजिक कुरीतियों और टैबू हमारे समाज में आज भी व्याप्त हैं, हमें इन सब से दूर रहना है और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना है सेनेटरी पैड का उपयोग करना और माहवारी के समय मेडिकल से संबंधित जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के अगले चरण में मिशन वात्सल्य के तहत समस्त एनसीसी कैडेट को पोक्सो अधिनियम और बाल अधिकार के बारे में बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाएं वन स्टॉप सेंटर, किशोर न्याय अधिनियम के तहत संचालित संस्थाएं, चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण पुलिस थाना के संबंध में भी जानकारी दी गई। अंत में बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया कि महिला एवं बाल विकास विभाग मिशन शक्ति के तहत बालिका और महिलाओं के लिए सोहार्दपूर्ण वातावरण निर्माण के लिए सदैव तत्पर है और इस तरह की गतिविधि जिसमें बालिकाओं को, महिलाओं को महिला सशक्तिकरण के लिए बढ़ावा मिलता है, निरंतर जारी रहेंगी।




