वीबी-जी राम जी योजना से मेहनतकश परिवारों की मजबूत होगी आजीविका – सीईओ जि.पं. वीर सिंह चौहान चौहान।

वीबी-जी राम जी योजना से मेहनतकश परिवारों की मजबूत होगी आजीविका – सीईओ जि.पं. वीर सिंह चौहान चौहान।
*वीबी-जी राम जी योजना का जिला स्तरीय हुआ शुभारम्भ*
केन्द्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी वीबी-जी राम जी योजना (विकसित भारत रोजगार गारंटी व आजीविका मिशन ग्रामीण) का जिला स्तरीय शुभारम्भ कार्यक्रम मेला ग्राउंड के पास कम्युनिटी हॉल भिण्ड में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान जनपद पंचायत भिण्ड अध्यक्ष सरोज बघेल, जनपद पंचायत गोहद अध्यक्ष कालीचरण तोमर, सीईओ जिला पंचायत भिण्ड वीर सिंह चौहान, सीईओ जनपद पंचायत मेहगांव राजीव मिश्रा, सीईओ जनपद पंचायत भिण्ड शालू दोहरे सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वीबी-जीराम जी योजना के केन्द्र-राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का लाईव प्रसारण उपस्थितजनों द्वारा देखा एवं सुना गया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भिण्ड वीर सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए वीबी-जीराम जी योजना को लागू किया गया है। भारतीय संसद द्वारा हाल ही में पारित विकसित भारत रोजगार एवं आजिविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी अधिनियम‑2025) ग्रामीण परिवारों के लिए मील का पत्थर है। रोजगार की गारंटी 100 दिवस से बढ़ाकर 125 दिवस की गई है, जिससे मेहनतकश परिवारों की आजीविका मजबूत होगी। अब काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता स्वतः मिलेगा, जिससे रोजगार का कानूनी अधिकार सुनिश्चित होगा। मजदूरी भुगतान डिजिटल माध्यम से साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों में बैंक खाते में अनिवार्य होगा। ग्रामस्तर पर योजना ग्रामसभा में तय की जाएगी; ऊपर से काम थोपना समाप्त होगा। कार्य चार श्रेणियों में होंगे—जल सुरक्षा व संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन और जलवायु व प्रतिकूल मौसम से निपटने के कार्य, जो स्थायी विकास व सशक्तिकरण का आधार बनेंगे। केन्द्र‑राज्य वित्तीय सहभागिता 60:40 रखी गई है। कृषि मजदूरी समन्वय से बुआई‑कटाई के प्रमुख कार्यों में 60 दिनों की गारंटी होगी। पारदर्शिता के लिए बायोमेट्रिक, स्थानिक तकनीक, मोबाइल व साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण लागू होंगे। वीबी-जी राम जी अधिनियम केवल योजना बदलने नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार नीति को पुनर्परिभाषित कर 2047 के विकसित भारत की राह तय करेगा।




