फूप निवासी मोहिनी बनीं गृहणी से सफल उद्यमी,प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना से जय हनुमान ट्रेडर्स आयल मिल को मिला विस्तार

फूप निवासी मोहिनी बनीं गृहणी से सफल उद्यमी,प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना से जय हनुमान ट्रेडर्स आयल मिल को मिला विस्तार
*आयल मिल से हो रहा 2 लाख रुपए शुद्ध लाभ, 4 व्यक्तियों को मिला रोजगार*
भिण्ड जिले की फूप निवासी मोहिनी गौतम ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही अवसर और शासन की सहायता मिले तो एक गृहणी भी सफल उद्यमी बन सकती है। उनकी आर्थिक समृद्धि का आधार बनी है प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना जिससे उनके आयल मिल व्यवसाय को विस्तार मिला है। आर्थिक रूप से सशक्त होने के अलावा वे फूप की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बन गईं हैं।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के तहत मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक,फूप द्वारा श्रीमती मोहिनी को 2 लाख 45 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इस सहायता से उन्होंने सरसों तेल प्रसंस्करण इकाई ‘जय हनुमान ट्रेडर्स’ का विस्तार किया। आज उनकी इकाई में एक्सपेलर, फिल्टर और मोटर जैसी आधुनिक मशीनों से शुद्ध सरसों के तेल का उत्पादन किया जा रहा है। मशीनों की प्रतिदिन 18 से 20 क्विंटल तक सरसों पिराई की क्षमता है। पिराई के बाद निकले खली/पीना का पशु आहार के रूप में विक्रय किया जाता है। इस इकाई से मोहिनी का शुद्ध लाभ लगभग 2 लाख रुपये तक पहुँच गया है और उन्होंने 4 स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार भी दिया है। मोहिनी कहती हैं कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। मोहिनी अपनी आमदनी से अपने तीन बच्चों को श्रेष्ठ शिक्षा देना चाहती हैं जिससे उनके सुरक्षित भविष्य का निर्माण हो सके। शासकीय सहायता से उनके जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार मानती हैं।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना पर अधिकतम 10 लाख रुपए की सीमा तक 35 प्रतिशत अनुदान और 3 प्रतिशत ब्याज माफी का प्रावधान है। जिले के युवा, कृषक, और छोटे व्यवसायी व्यक्तिगत स्तर पर, तथा किसान उत्पाद संगठन, स्वसहायता समूह और उत्पादक सहकारी समिति जिले के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से संपर्क कर नए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना अथवा मौजूदा इकाइयों के उन्नयन के लिए योजना अंतर्गत वित्तीय और तकनीकी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।




