मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से परा निवासी रमाकांत जोशी बने आत्मनिर्भर,उन्नत नस्ल की दो भैंसे बनीं आर्थिक समृद्धि का आधार

मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से परा निवासी रमाकांत जोशी बने आत्मनिर्भर,उन्नत नस्ल की दो भैंसे बनीं आर्थिक समृद्धि का आधार
भिण्ड जिले के अटेर विकासखंड के ग्राम परा निवासी रमाकांत जोशी मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से आत्मनिर्भर बने हैं। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना अंतर्गत प्राप्त उन्नत नस्ल की दो भैसों के माध्यम से समृद्ध जीवन जी रहे हैं और अन्य ग्रामीणों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। जोशी ने वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के तहत आवेदन किया जिसमें कुल लागत 2 लाख 95 हजार रुपए का 50 प्रतिशत शासकीय अनुदान और 50 प्रतिशत हितग्राही अंश था। उन्होंने योजना के अंतर्गत अनुदान सहायता से एक मुर्रा और एक जाफराबादी नस्ल की भैंस खरीदी। दोनों भैंसों से उन्हें प्रतिदिन 10-10 लीटर दूध प्राप्त हो रहा है, जिसे स्थानीय बाजार में बेचकर उन्हें लगभग 02 लाख से अधिक वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। जोशी बताते हैं कि वे अब डेयरी व्यवसाय के विस्तार की योजना बना रहे हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। वे शासन की यह योजना से मिली स्थिर आय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना राज्य शासन द्वारा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण योजना है जिसके तहत लाभार्थियों को दो दुधारू भैंस क्रय करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग हेतु 50 प्रतिशत अनुदान तथा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग हेतु 75 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।
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