मप्र जन अभियान परिषद ने की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक

अपने-अपने सेक्टर में प्रवास बढ़ाएं नवांकुर संस्थाएं : संभाग समन्वयक,ग्राम विकास के लिए प्रस्फुटन समितियों का सशक्त और सक्रिय होना जरूरी : जिला समन्वय
मप्र जन अभियान परिषद ने की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला भिण्ड द्वारा जिला पंचायत सभागार में नवांकुर संस्थाओं की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में चंबल संभाग समन्वयक धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया एवं जिला समन्वयक डॉ. शिवप्रताप सिंह भदौरिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। बैठक में जिले की विभिन्न नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधियों, समस्त विकासखंड समन्वयकों ने सहभागिता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य नवांकुर संस्थाओं के कार्यों की समीक्षा करना, सेक्टर स्तर पर संचालित गतिविधियों की प्रगति जानना तथा ग्राम विकास के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए चंबल संभाग समन्वयक धर्मेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि नवांकुर संस्थाएं अपने-अपने आवंटित सेक्टर में प्रवास की गतिविधियां बढ़ाएं। संस्थाओं की वास्तविक भूमिका केवल कार्यालय अथवा बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें गांवों में पहुंचकर समाज के विभिन्न वर्गों से सतत संपर्क स्थापित करना चाहिए। ग्राम स्तर पर प्रस्फुटन समितियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के साथ संवाद बढ़ाकर स्थानीय आवश्यकताओं और समस्याओं को समझना होगा। उन्होंने कहा कि नियमित ग्राम प्रवास से ही योजनाओं की वास्तविक स्थिति का पता चलता है और जनभागीदारी के माध्यम से विकास के नए अवसर तैयार होते हैं। सिसोदिया ने बैठक में नवांकुर संस्थाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए उनकी गतिविधियों, उपलब्धियों और कार्यप्रणाली पर चर्चा की। उन्होंने अपेक्षा जताई कि प्रत्येक संस्था अपने सेक्टर में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप सक्रियता से कार्य करे तथा परिषद द्वारा संचालित कार्यक्रमों और अभियानों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने कार्यों में निरंतरता, आपसी समन्वय और जवाबदेही को आवश्यक बताते हुए कहा कि ग्राम विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से मैदानी स्तर पर काम करना होगा।
इस अवसर पर जिला समन्वयक डॉ. शिवप्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि ग्राम विकास की पूरी अवधारणा को साकार करने के लिए प्रस्फुटन समितियों का सशक्त, सक्रिय और जागरूक होना बेहद जरूरी है। प्रस्फुटन समितियां ग्राम विकास की आधारभूत इकाई हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि नवांकुर संस्थाओं का दायित्व है कि वे अपने सेक्टर की प्रस्फुटन समितियों के साथ नियमित बैठकें करें, उन्हें मार्गदर्शन दें और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करें।
डॉ. भदौरिया ने कहा कि नवांकुर संस्थाएं और प्रस्फुटन समितियां एक-दूसरे की पूरक हैं। दोनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से ही ग्राम विकास के प्रयासों को स्थायित्व मिल सकता है। प्रत्येक संस्था को अपने कार्यक्षेत्र में नियमित प्रवास, जनसंपर्क और संवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने मैदानी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने तथा परिषद के उद्देश्यों के अनुरूप सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान जिले की नवांकुर संस्थाओं की सहभागिता और विकासखंड स्तर पर संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि मेहगांव विकासखंड की किसी भी नवांकुर संस्था ने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। इस विषय को संस्थाओं की सहभागिता और कार्यों के प्रति सक्रियता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना गया।
बैठक में जिले के समस्त विकासखंड समन्वयक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन विकासखंड समन्वयक मेहगांव जयप्रकाश शर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन विकासखंड समन्वयक गोहद बृजेंद्र शर्मा द्वारा किया गया।
जिला स्तरीय समीक्षा बैठक के माध्यम से नवांकुर संस्थाओं को मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने, नियमित सेक्टर प्रवास करने तथा प्रस्फुटन समितियों को मजबूत बनाकर ग्राम विकास की गतिविधियों को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला भिण्ड द्वारा किया गया।




