ध्रुव का चरित्र भगवान के प्रति प्रेम एवं भक्ति के समर्पण भाव की पराकाष्ठा से ऊपर,ईश्वर में सब कुछ मानकर खुद को सौप देना ही सबसे बड़ी भक्ति- महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज।
ध्रुव का चरित्र भगवान के प्रति प्रेम एवं भक्ति के समर्पण भाव की पराकाष्ठा से ऊपर,ईश्वर में सब कुछ मानकर खुद को सौप देना ही सबसे बड़ी भक्ति- रामभूषण दास जी महाराज।
भिण्ड-भिण्ड जिले के अटेर विधानसभा के ग्राम चौकी में चल रही श्रीमद भागवत कथा में कथा व्यास महामंडलेश्वर रामभूषण दास जी महाराज खनेता धाम ने भक्ति की रसधारा प्रवाहित कर दी,कथा व्यास ने सबसे पहले सूत सनकादि के संवाद पर प्रकाश डाला तथा कपिलोपाख्यान सती चरित्र पर उन्होंने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया,अंत में कथा व्यास ने ध्रुव जी की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि ध्रुव जी का चरित्र लोगों को ईश्वर के लिए समर्पित करने का उदाहरण है उन्होंने कहा कि ईश्वर को सब कुछ मानकर ईश्वर के हो जाना ही भक्ति की सबसे बड़ी बात है भगवान ने ध्रुव जी के लिए अपने सब नियम कायदे तोड़कर उनकी रक्षा का भार संभाला और उन्होंने ध्रुव जी अपने भक्तों में सिरमौर के रूप में स्थापित कर दिया भगवान भक्तों के लिए सब कुछ करने को तैयार रहते है एवं भक्तों पर जब भी संकट आए और भगवान के प्रति समर्पित हो जाए वह उस संकट में आपकी हर प्रकार से रक्षा करेंगे,कथा के मध्य चित्रकूट धाम से पधारे पटेल महाराज एवं जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया पहुँची उन्होंने कथा व्यास महाराज से आशीर्वाद लिया।




