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विधायक संजीव सिंह ने कलेक्टर के साथ बैठक कर कहा कि भिंड में 1 माह में तैयार होगी 70 करोड़ की डीपीआर।

विधायक ने कलेक्टर से बैठक की, एक माह में तैयार होगी 70 करोड़ की डीपीआर। कलेक्टर के चेंबर में हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने बताया रिडेंसीफिकेशन के लिए अपना प्लान। भिंड शहर के बीचों-बीच सिंचाई विभाग कालोनी की 9.6 हेक्टेयर जमीन की रिडेंसीफिकेशन (पुनःसघनीकरण) डीपीआर एक माह में तैयार हो जाएगी। बुधवार को भिंड विधायक संजीव सिंह संजू ने कलेक्टर सतीश कुमार एस और हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की है। विधायक ने हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों से प्लान समझा और कुछ सुझाव दिए हैं। सिंचाई विभाग कालोनी की जमीन के रिडेंसीफिकेशन पर 70 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। रिडेंसीफिकेशन के लिए कंसल्टेंट एजेंसी पहले ही नियुक्त की जा चुकी है। भिंड विधायक संजीव सिंह संजू ने शहर के विकास के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सिंचाई विभाग कालोनी की 9.6 हेक्टेयर जमीन का रिडेंसीफिकेशन का प्रस्ताव दिया था। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को स्वीकृत कर दिया है। प्रदेश सरकार ने रिडेंसीफिकेशन के लिए गाजियाबाद की दृष्टि इंजीनियर्स एलएलपी को बतौर कंसल्टेंट नियुक्त किया है। हाल में मंत्री भूपेंद्र सिंह ने रिडेंसीफिकेशन को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इसके बाद इस प्रोजेक्ट में तेजी देखी जा रही है। इससे पहले 29 अक्टूबर को विधायक संजीव सिंह संजू ने कलेक्टर और हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों से बैठक कर रिडेंसीफिकेशन के ड्राफ्ट में कुछ फेरबदल बताए थे। अब अगले एक माह में डीपीआर तैयार कर ली जाएगी। अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए सुरक्षित आवास होंगे: विधायक संजीव सिंह संजू ने बताया रिडेंसीफिकेशन में सिंचाई विभाग कालोनी की जमीन प्रमोटर के जरिए 70 करोड़ रुपए खर्च कर विकसित कराई जाएगी। अधिकारियों के बंगलों के अलावा सिंचाई विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए पांच श्रेणी के आवास दो ब्लाक बनाकर विकसित किए जाएंगे। पूर्व में तैयार होने वाली डीपीआर में कर्मचारियों के इन ब्लाक के लिए सामान्य रास्ता तय किया गया था। विधायक ने अधिकारियों और कर्मचारियों के ब्लाक के लिए अलग से सुरक्षित रास्ता बनाने के लिए कहा है। कालोनी में रहने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का सर्वे पूर्व में किया जा चुका है। रिडेंसीफिकेशन से अधिकारियों-कर्मचारियों को जर्जर आवास से मुक्ति मिलेगी। अधिकारियों-कर्मचारियों के आवास बनाने के साथ प्रमोटर बाकी जमीन का उपयोग आवासीय और व्यवसायिक हित के लिए करेगा। इससे शहर में नया कामर्शियल क्षेत्र विकसित होगा।

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